स्कूली और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और शिक्षा को हर बच्चे तक पहुंचाने के मकसद से मोदी सरकार-2 अपने पहले आम बजट में नई शिक्षा नीति, शोध उच्च शिक्षा की गुणवत्ता कार्यक्रम को लागू करने की घोषणा कर सकती है। इसके अलावा दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों की रेस में शुमार करने और विदेशी छात्रों को दोबारा भारत से जोड़ने की योजनाओं के लिए बजट में अलग से फंड मिलने की संभावना है। शिक्षा जगत से जुड़े विशेषज्ञों का अनुमान है कि मोदी सरकार शिक्षा बजट में दस से पंद्रह फीसदी तक बढ़ोतरी कर सकती है।
इसके अलावा शोध कार्यों को बढ़ावा व गुणवत्ता के लिए नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एनआरएफ) की स्थापना के लिए बजट में प्रावधान हो सकता है। एनआरएफ का गठन प्रधानमंत्री की साइंटिफिक एडवाइजरी काउंसिल की सिफारिश पर सोसायटी एक्ट में हो रहा है। इसमें अध्यक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रिंसिपल साइंटिफिक एडवाइजर वाइस होंगे। एनआरएफ इंप्रिंट, इंप्रेस व एसईआरबी के शोध कार्यों की निगरानी करेगा। केंद्र ने इसकी स्थापना का रोडमैप तैयार कर लिया है।
उच्च शिक्षा में 18 से 23 आयु वर्ग के छात्रों की संख्या (ग्रास एनरोलमेंट रेशो) 25.2 से बढ़ाकर 40 फीसदी पहुंचाना है। इसके लिए कामकाजी व पढ़ाई से दूर होने वाले युवाओं के लिए ऑनलाइन डिग्री या सर्टिफिकेट प्रोग्राम से जोड़ने को ऑनलाइन (स्वयं) कोर्स, विदेशी छात्रों को जोड़ने के लिए स्टडी इन इंडिया प्रोग्राम के लिए बजट में बढ़ोतरी संभव है। इसके अलावा देशभर में तीन लाख शिक्षकों के खाली पदों को भरने, मिड-डे मील, यूजीसी व एआईसीटीई के बजट में नई योजनाएं जुड़ सकती हैं।
बजट 2019: अटल पेंशन योजना में बढ़ सकती है पेंशन राशि
विशेषज्ञों का मानना है कि मोदी सरकार बजट में युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए खास प्रावधान कर सकती है। इसके लिए आईआईटी, आईआईएम और विश्वविद्यालयों में स्किल इंडिया प्रोग्राम शुरू करने की घोषणा हो सकती है। यह आउटरिच प्रोग्राम का हिस्सा होगा।