देश में जुलाई-सितंबर तिमाही में जमकर नौकरियां मिलेंगी। पिछले 8 वर्षों की तुलना में इस बार ज्यादा रोजगार लोगों को मिल सकते हैं। एक सर्वे में कहा गया है कि सुधार प्रक्रिया में आ रही तेजी और अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर को बनाए रखने के लिए 63 फीसदी कंपनियों को अतिरिक्त लोगों की जरूरत होगी, जिससे कंपनियां तेजी से भर्ती करेंगी। हालांकि, इस दौरान करीबन 12 फीसदी कंपनियां लोगों की छंटनी भी कर सकती हैं।
24% कंपनियों में किसी तरह के बदलाव की संभावना नहीं है। यानी न तो वे कर्मचारियों को निकालेंगी और न ही नए लोगों की भर्ती करेंगी। मैनपावर ग्रुप इंप्लॉयमेंट आउटलुक सर्वे के अनुसार, तीसरी तिमाही में शुद्ध रोजगार का परिदृश्य 51% रह सकता है, जो 2014 के बाद सबसे ज्यादा है। रोजगार परिदृश्य का मतलब कर्मचारियों में उतनी बढ़ोतरी की संभावना से है।
एशिया-प्रशांत में भारत सबसे बेहतर
| देश |
भर्ती |
| भारत |
51% |
| सिंगापुर |
40% |
| ऑस्ट्रेलिया |
38% |
| हॉन्गकॉन्ग |
11% |
| जापान |
4% |
| ताइवान |
3% |
डिजिटल में ज्यादा मांग रहेगी
- सबसे ज्यादा मांग डिजिटल की भूमिका में आनेवाली है। आईटी और टेक में सबसे अच्छा परिदृश्य है। इसके बाद बैंकिंग, फाइनेंस, बीमा और रियल एस्टेट में 60 फीसदी जबकि अन्य सेवाओं में 52 फीसदी बेहतर आउटलुक है। रेस्तरां और होटल में 48 फीसदी, विनिर्माण में 48 फीसदी बेहतर परिदृश्य है।
- गुलाटी ने कहा कि डिजिटाइटेशन, ऑटोमेशन और टेक वाली सेवाओं की जरूरतें बढ़ रही हैं। इससे दुनिया भर में भारतीय आईटी पेशेवरों की मांग भी बढ़ रही है, जिस कारण भारतीय रोजगार बाजार में आईटी और टेक शीर्ष पर है।
अस्थिरता के बाद भी कई सेक्टर में तेजी
मैनपावर ग्रुप एंप्लॉयमेंट के एमडी संदीप गुलाटी ने कहा कि बढ़ती महंगाई और वैश्विक स्तर पर बढ़ रही अस्थिरता के बाद भी देश के कई सेक्टर में रिकवरी प्रक्रिया में तेजी आ रही है। सर्वे में 3,000 कंपनियां शामिल थीं। पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले सितंबर तिमाही में भर्ती सेंटिमेंट में 46 फीसदी अंकों का सुधार देखा गया है। अप्रैल-जून की तुलना में 13 फीसदी अंक की बढ़ोतरी हुई है।