ट्राई इंटरकनेक्शन अधिनियमों के अनुसार कोई भी सेवा चालक चैनल प्रसारण केंद्रों को कम से कम तीन सप्ताह का लिखित नोटिस और उपभोक्ताओं को कारण स्पष्ट किये बिना प्रसारण बंद नहीं कर सकता है। अधिनियम यह भी कहता है कि, "टेलीविजन चैनलों के वितरकों के लिए आवश्यक है कि वे उपभोक्ताओं को किसी भी प्रस्तावित चैनल के प्रसारण निलंबन की तिथि के बारे में उसी चैनल पर 15 दिन पहले से स्क्रीन स्क्रॉल के द्वारा सूचित करना शुरू कर दें।"
1 अक्टूबर को बंद कर दिए थे चैनल
टाटा स्काई ने सोनी और टीवी टुडे नेटवर्क के सभी चैनलों को बिना बताए 1 अक्टूबर को बंद कर दिया था। दर्शकों ने जब टीवी खोला तो खुद को ठगा हुआ पाया। इससे ब्रॉडकास्टिंग कंपनियों और जनता में काफी रोष उत्पनन हो गया था। लोगों ने सोशल मीडिया पर टाटा स्काई के फैसले के खिलाफ न्यायालय में जाने की धमकी भी दी थी।
बता दें कि टाटा स्काई का सोनी जैसे अनेक कई चैनलों से करार है। पर कुछ दिन पहले से ही चैनल प्रसारण के बजाए, उपयोगकर्ताओं को उनके टोल फ्री नंबर पर मिस कॉल देने के लिए एक संदेश प्रदर्शित किया जा रहा था। सोशल मीडिया पर कई उपयोगकर्ताओं ने शिकायत की थी कि मिस कॉल सेवा भी काम नहीं कर रही है।
टाटा स्काई ने दिया यह जवाब
टाटा स्काई ने जवाब देते हुए कहा कि ब्रॉडकास्टिंग कंपनियों से समझौता न होने के कारण ऐसा कदम उठाना पड़ा।