वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली के तहत ई-वे बिल व्यवस्था शुरू होने से महज तीन दिन पहले सरकार ने कारोबारियों एवं ट्रांसपोर्टरों से इसके प्लेटफॉर्म पर जल्द से जल्द पंजीकरण कराने को कहा है। सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था शुरू होने से पहले इस पर अधिक से अधिक कारोबारी पंजीकरण करा लें, ताकि माल के परिवहन में कोई दिक्कत नहीं हो।
जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) के स्थापना दिवस पर बुधवार को यहां आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय वित्त सचिव हसमुख अढिया ने कारोबारियों एवं ट्रांसपोर्टरों पर एक तरह से अविश्वास प्रकट करते हुए कहा कि ऐसा नहीं लगता कि वे ई-वे बिल को लेकर पूरी तरह से तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि मैं इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं हूं कि व्यापारी, डीलर और ट्रांसपोर्टर इसके लिए तैयार हैं। मैं उनसे आग्रह करना चाहता हूं कि जितनी जल्दी संभव हो वे खुद को ई-वे बिल पोर्टल पर पंजीकृत कराएं। वे हमसे यह नहीं कह सकते हैं कि हमने उन्हें इस बारे में सूचित नहीं किया है।
11 लाख पंजीकरण हुए हैं फिलहाल
जीएसटीएन के सीईओ प्रकाश कुमार ने बताया कि अभी तक ई-वे बिल प्लेटफॉर्म पर करीब 11 लाख इकाइयां ही पंजीकृत हुई हैं। उल्लेखनीय है कि ई-वे बिल व्यवस्था में व्यवसायियों को किसी राज्य के भीतर या उसके बाहर 50 हजार रुपये से अधिक दाम के माल की ढुलाई के लिए जीएसटी निरीक्षक के सामने ई-वे बिल पेश करना आवश्यक होगा।
इससे एक दिन पहले ही वित्त मंत्रालय की तरफ से मिली सूचना के अनुसार, अभी तक जीएसटी में 1.05 करोड़ कारोबारियों ने ही पंजीकरण कराया है, जबकि करीब 70 लाख कारोबारियों ने रिटर्न दाखिल किया है।