नीति आयोग दवाओं की कीमत को बिक्री की पहली जगह पर ही ट्रेड मार्जिन तय करना चाहती है। सरकार को लगता है कि ऐसा करने से दवा बनाने वाली कंपनियों और अस्पतालों की मुनाफाखोरी पर लगाम लगेगी और मरीजों को मुफीद दर पर दवाएं मुहैया की जा सकेगी।
17 फीसदी दवाओं की कीमतों पर नियंत्रण
दवाओं की कीमत निर्धारित करने वाली संस्था एनपीपीए सिर्फ जीवनरक्षक दवाओं की कीमत निर्धारित करती है। देश में दवाओं का घरेलू उद्योग करीब 1 लाख करोड़ का है जिसका सिर्फ 17 फीसदी ही कीमत नियंत्रण के दायरे में है।