भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर वार्ता अब तेज मोड़ पर पहुंच गई है। इसी क्रम में यूरोपीय संघ का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल सोमवार को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात करेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बैठक का मकसद साल के अंत तक समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में प्रगति की समीक्षा करना है।
ईयू बाजार भारत के कुल निर्यात का 17% हिस्सा है, जबकि ईयू की भारत को निर्यात हिस्सेदारी 9% है।
FTA से भारत को क्या फायदा?
विशेषज्ञों का कहना है कि समझौता लागू होने के बाद भारत के कई प्रमुख क्षेत्रों को सीधा लाभ मिल सकता है। रेडीमेड गारमेंट, फार्मास्यूटिकल्स, स्टील, पेट्रोलियम उत्पाद और इलेक्ट्रिकल मशीनरी जैसे सेक्टर यूरोपीय बाजार में अपनी प्रतिस्पर्धा को और मजबूत कर पाएंगे। इन उत्पादों की पहुंच बढ़ने के साथ भारत का निर्यात भी गति पकड़ सकता है।