शेयर बाजार में तेज गिरावट का फायदा निवेशक उठा रहे हैं। फरवरी में उन्होंने इक्विटी म्यूचुअल फंड में 15,685 करोड़ रुपये का निवेश किया है। यह पिछले 9 माह का उच्च स्तर है। इससे पहले मई, 2022 में 18,529 करोड़ का निवेश आया था। जनवरी में यह 12,546 करोड़ और दिसंबर में 7,303 करोड़ रुपये था।
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एंफी) के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी लगातार 24वां महीना रहा है जिसमें इक्विटी म्यूचुअल फंड में लगातार निवेश आया है। अक्तूबर, 2022 से हर महीने सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी में 13 हजार करोड़ से ज्यादा का निवेश आ रहा है। इक्विटी फंड में थीमैटिक फंड में सबसे अधिक 3,856 करोड़ रुपये आए हैं।
कंज्यूमर ड्यूरेबल के उत्पादन में आई 7.5% की गिरावट
वहीं, देश का औद्योगिक उत्पादन यानी आईआईपी जनवरी में 5.2 प्रतिशत की दर से बढ़ा है। जनवरी 2022 में इसमें केवल दो प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी। शुक्रवार को राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2023 में विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन एक साल पहले के 1.9 फीसदी की तुलना में 3.7 प्रतिशत बढ़ा है। खनन क्षेत्र के उत्पादन में 3% की तुलना में 8.8% और बिजली के उत्पादन में सालाना आधार पर 0.9% के मुकाबले 12.7% की बढ़ोतरी हुई। आईआईपी डाटा विनिर्माण और खनन सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्र की स्थिति को दर्शाता है। कैपिटल गुड्स का उत्पादन जनवरी में 11% बढ़ा है जो एक साल पहले केवल 1.8% बढ़ा था। कंज्यूमर ड्यूरेबल का उत्पादन 7.5% गिरा है। एक साल पहले 4.4% कम था। इन्फ्रास्ट्रक्चर और कंज्यूमर नॉन-ड्यूरेबल गुड्स का उत्पादन 8.1% व 6.2% बढ़ा है।
एनएसई, बीएसई की निगरानी में रहेंगी अदाणी समूह की दो कंपनियां
अदाणी समूह की दो कंपनियां अदाणी ट्रांसमिशन और अदाणी टोटल गैस को दीर्घकालिक अतिरिक्त निगरानी उपायों के दूसरे चरण के फ्रेमवर्क के तहत रखा जाएगा। उपायों के तहत इन कंपनियों की प्रतिभूतियों को शॉर्टलिस्ट करने के मापदंडों, ग्राहकों की स्टॉक के प्रति रुचि, प्राइस बैंड हिट की संख्या, स्टॉक के मूल्य में उतार-चढ़ाव और कमाई के अनुपात में शेयर के मूल्य पर अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी। देश के प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज एनएसई और बीएसई ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। दोनों के अलग-अलग सर्कुलर के मुताबिक यह घोषणा 13 मार्च से प्रभावी होगी। एक्सचेंजों ने एनडीटीवी और अदाणी ग्रीन एनर्जी को भी दीर्घकालिक एएसएम फ्रेमवर्क स्टेज-दो के तहत रखा है। दोनों एक्सचेंजों ने अदाणी एंटरप्राइजेज, अदाणी पावर और अदाणी विल्मर को पहले ही नौ मार्च से अल्पकालिक अतिरिक्त निगरानी उपाय (एएसएम) के पहले चरण के फ्रेमवर्क में डाल दिया है।
अंबुजा में अदाणी परिवार बेच सकता है 4.5% हिस्सा
मुश्किलों में घिरा अदाणी समूह पैसा जुटाने के लिए एक और कदम उठा रहा है। अंबुजा सीमेंट में अदाणी परिवार 4.5% हिस्सा बेचकर 3,000 करोड़ जुटा सकता है। अगले हफ्ते में इसे पूरा किया जा सकता है। इसे ब्लॉक डील के जरिये बेचा जाएगा और शुक्रवार के शेयरों के भाव के आधार पर यह 3,380 करोड़ रुपये हो सकता है। अदाणी समूह ने अंबुजा और एसीसी को पिछले साल मई में 10.5 अरब डॉलर में खरीदा था।
फ्यूचर रिटेल के निदेशकों ने लेनदारों को लगाई 14,809 करोड़ रुपये की चपत
कर्ज में डूबी फ्यूचर रिटेल लिमिटेड ने शुक्रवार को कहा कि उसके समाधान पेशेवर ने लेनदारों को 14,809.44 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने के लिए कंपनी के पूर्व और वर्तमान निदेशकों के खिलाफ राष्ट्रीय कंपनी कानून अधिकरण (एनसीएलटी) के समक्ष एक आवेदन दायर किया है। फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (एफआरएल) दिवाला कार्यवाही का सामना कर रही है। कंपनी ने एक नियामक फाइलिंग में कहा कि एनसीएलटी की मुंबई पीठ के समक्ष दायर आवेदन में, समाधान पेशेवर (आरपी) ने अधिकरण से एफआरएल के वर्तमान और पूर्व निदेशकों के खिलाफ कंपनी को राशि का योगदान करने के लिए निर्देश मांगा है। एफआरएल ने कहा कि कंपनी के समाधान पेशेवर ने दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता 2016 के तहत कंपनी के निदेशकों/पूर्व निदेशकों के खिलाफ एनसीएलटी मुंबई के समक्ष एक आवेदन दायर किया है। ऋण चुकाने में चूक के बाद एफआरएल के खिलाफ उसके ऋणदाता बैंक ऑफ इंडिया ने दिवाला समाधान कार्रवाई शुरू करने की मांग करते हुए एनसीएलटी का रुख किया था।
पांच हफ्ते में पहली बार बढ़ा विदेशी मुद्रा भंडार 562 अरब डॉलर पर पहुंचा
भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को कहा कि पिछले पांच हफ्ते में पहली बार भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि हुई है और 3 मार्च को खत्म हुए सप्ताह में यह 562.40 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक पिछले हफ्ते की समाप्ति पर मुद्रा भंडार में 1.46 अरब डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई। पिछले चार हफ्ते के दौरान इसमें 15.8 अरब डॉलर की गिरावट आई थी। 24 फरवरी को खत्म हुए हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 560.94 अरब डॉलर था।
ऑटो क्षेत्र की पीएलआई योजना की होगी कड़ी जांच
ऑटोमोबाइल और ऑटो कलपुर्जों के क्षेत्र के लिए 25,938 करोड़ रुपये की उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना की जांच में तेजी लाई जाएगी। इसके तहत कंपनियों ने बोगस तरीके से फायदा उठाया था। इसकी शिकायत मिलने पर पहले से ही इसकी जांच हो रही है। फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (फेम) के तहत सरकार ने इस योजना को शुरू किया था। यह कदम ऐसे समय में आया है जब एक दर्जन इलेक्ट्रिक दोपहिया निर्माताओं के खिलाफ स्थानीयकरण दिशानिर्देशों का पालन नहीं करने और आयातित घटकों का उपयोग करने के आरोपों के बीच जांच चल रही है। इन कंपनियों ने चीन से कलपुर्जे आयात कर स्थानीयकरण के नाम पर सब्सिडी का फायदा ले रही थीं। इसमें एथर, ओला, टीवीएस मोटर और विडा अलग-अलग अपने ईवी के कथित गलत मूल्य निर्धारण के लिए जांच के दायरे में हैं। इसके लिए एक समिति बनाई गई है, जिसमें चार केंद्रीय वाहन परीक्षण एजेंसियों और सार्वजनिक क्षेत्र की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी आईएफसीआई के प्रतिनिधि शामिल हैं।
मैक्स इस्टेट करेगी 3,400 करोड़ निवेश
नई दिल्ली। मैक्स समूह की रियल्टी फर्म मैक्स इस्टेट ने कहा है कि वह पांच साल में नोएडा, गुरुग्राम में आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं पर 3,400 करोड़ का निवेश करेगी। एमडी साहिल वाच्छानी ने कहा साढ़े चार साल में इक्विटी से 2,000 करोड़ जुटाए हैं।
एफसीआई ने बेचा 5.39 लाख टन गेहूं
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने ओपन मार्केट सेल स्कीम (ओएमएसएस) के तहत ई-नीलामी के पांचवें दौर में 9 मार्च को आटा मिलों सहित थोक ग्राहकों को 5.39 लाख टन गेहूं बेचा है। एफसीआई के 23 क्षेत्रों में 657 डिपो से 11.88 लाख टन गेहूं बिक्री के लिए पेश किया गया था। औसत बिक्री मूल्य 2,197.91 रुपये प्रति क्विंटल था। खाद्यान्न और गेहूं के आटे की खुदरा कीमतों को कम करने के कदमों के तहत पिछले चार दौर में लगभग 23.47 लाख टन गेहूं थोक ग्राहकों को बेचा गया है।