ईपीएफओ ने उच्च पेंशन का विकल्प चुनने वाले कर्मचारियों को और मोहलत दी है। विवरण ऑनलाइन अपलोड करने की समय सीमा 31 मई तक बढ़ा दी गई है। पहले नियोक्ताओं (employers) के लिए वेतन विवरण अपलोड करने की समय सीमा 31 दिसंबर, 2023 थी। श्रम मंत्रालय ने इस संबंध में बयान जारी किया।
दरअसल, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने पहले अपने सभी ग्राहकों को उच्च योगदान पर अधिक पेंशन का विकल्प/संयुक्त विकल्प चुनने का मौका दिया था। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अधिक पेंशन के लिए आवेदन का सत्यापन कराना था। आवेदन जमा करने के लिए एक ऑनलाइन सुविधा दी गई थी।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने विगत 4 नवंबर, 2022 को इस संबंध में आदेश पारित किया था। शीर्ष अदालत के आदेश का अनुपालन करते हुए श्रम मंत्रालय के अधीन काम करने वाले कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की तरफ से पेंशनभोगियों/ईपीएफओ सदस्यों को उच्च पेंशन विकल्प की पेशकश की गई थी।
ऑनलाइन आवेदन सुविधा 26 फरवरी, 2023 को शुरू हुई थी। हायर पेंशन का विकल्प चुनने की पहली डेडलाइन 3 मई, 2023 थी। कर्मचारियों के अभ्यावेदन पर विचार करते हुए, पात्र पेंशनभोगियों और ईपीएफओ सदस्यों को आवेदन दाखिल करने के लिए पूरे चार महीने का समय प्रदान किया गया। बाद में समय सीमा 26 जून, 2023 तक बढ़ा दी गई थी।
अधिक पेंशन के लिए अब तक कुल 17.49 लाख आवेदन
देशभर में आवेदकों की बड़ी संख्या को देखते हुए 15 दिन और दिए गए। कर्मचारियों के विकल्प/संयुक्त विकल्पों का सत्यापन के लिए आवेदन जमा करने की डेडलाइन 11 जुलाई, 2023 तक बढ़ा दी गई थी। ईपीएफओ के मुताबिक 11 जुलाई, 2023 तक पेंशनभोगियों/ ईपीएफओ सदस्यों के कुल 17.49 लाख आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
नियोक्ताओं और नियोक्ता संघों ने ईपीएफओ को बताया कि कर्मचारियों की संख्या लाखों में है। ऐसे में विवरण अपलोड करने के लिए समयसीमा बढ़ानी पड़ेगी। अनुरोध के बाद नियोक्ताओं को 30 सितंबर, 2023 तक वेतन विवरण जैसे जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन जमा करने का मौका दिया गया। तीन महीने की अतिरिक्त अवधि भी दी गई लेकिन बाद में समय सीमा 31 दिसंबर, 2023 तक बढ़ाई गई।
साढ़े तीन लाख से अधिक आवेदनों का विवरण जमा करना बाकी
ईपीएफओ के मुताबिक विकल्प/संयुक्त विकल्प के सत्यापन के लिए लगभग 3.6 लाख से अधिक आवेदन अभी भी नियोक्ताओं के पास लंबित हैं। सीबीटी (Central Board of Trustees) के अध्यक्ष और ईपीएफओ ने नियोक्ताओं को अब वेतन विवरण ऑनलाइन अपलोड करने के लिए 31 मई तक की मोहलत दी है। श्रम मंत्रालय ने भी समय विस्तार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।