निवेश की दुनिया में रिटर्न या परिणाम अपेक्षाओं के अनुरूप न होने की भावना अक्सर निराशा के रूप में प्रकट होती है। यही निराशा निवेशकों को बाजार का समय जानने की कोशिश करने के लिए प्रेरित करती है। बाजार का समय तय करने की प्रक्रिया में किसी प्रतिभूति की कीमत में संभावित वृद्धि या गिरावट का अनुमान लगाना और उसके अनुसार प्रतिभूति खरीदना या बेचना शामिल है। सोशल मीडिया पर यही विषय इस समय चर्चा में है। हाल में पिरामल फाइनेंस के प्रबंध निदेशक जयराम श्रीधरन ने एक पोस्ट में बताया, कैसे बाजार का समय तय करने से बेहतर फायदा हो सकता है। कैसे कभी-कभी अधिक समय तक बने रहना बाजार का समय तय करने की कोशिश का बेहतर तरीका हो सकता है। कैसे उनका 10,100 रुपये का निवेश 25 वर्षों में 7.9 लाख रुपये में बदल गया।
बेहतर रिटर्न के लिए लंबे समय तक निवेश जरूरी
उभरते बाजारों में आमतौर पर तेज वृद्धि देखी जाती है। पिछले 25 वर्षों में प्रमुख सूचकांकों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। हालांकि, श्रीधरन के निवेश को देखकर हम समझ सकते हैं कि इस वृद्धि का अधिकतम लाभ उठाने के लिए बाजार में निवेशित बने रहना जरूरी है। ईएलएसएस में सबसे बड़ा फायदा कि इससे टैक्स बचाने में भी मदद मिलती है। इसमें निवेश कर सालाना आप 1.5 लाख तक की छूट प्राप्त कर सकते हैं।