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कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच अप्रैल के पहले पखवाड़े में 45 फीसदी बढ़ी बिजली की मांग

Mon, 19 Apr 2021 12:54 PM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

देश में कोरोना वायरस के मामले प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। इस बीच देश में बिजली की खपत अप्रैल के पहले पखवाड़े (एक से 15 अप्रैल 2021) में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में करीब 45 फीसदी बढ़कर 60.62 अरब यूनिट (बीयू) पर पहुंच गईं।
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बिजली की खपत - फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
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देश में कोरोना वायरस के मामले प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। इस बीच देश में बिजली की खपत अप्रैल के पहले पखवाड़े (एक से 15 अप्रैल 2021) में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में करीब 45 फीसदी बढ़कर 60.62 अरब यूनिट (बीयू) पर पहुंच गईं। बिजली मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों से पिछले साल अप्रैल के पहले पखवाड़े के दौरान बिजली की खपत 41.91 अरब यूनिट रही थी। इससे पता चलता है कि देश में बिजली की औद्योगिक और वाणिज्यिक मांग सुधर रही है।

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आठ अप्रैल को उच्च स्तर पर थी व्यस्त समय की बिजली की मांग
वहीं अप्रैल के पहले पखवाड़े के दौरान व्यस्त समय की बिजली की मांग (एक दिन में सबसे ऊंची आपूर्ति) पिछले साल की समान अवधि के 132.20 गीगावॉट से कहीं ऊंची रही। चालू महीने के पहले पखवाड़े में आठ अप्रैल, 2021 को व्यस्त समय की बिजली की मांग 182.55 गीगावॉट के उच्च स्तर पर पहुंच गई। यह पिछले साल अप्रैल में पूरे महीने में दर्ज 132.20 गीगावॉट से 38 फीसदी अधिक है।

पिछले साल अप्रैल में बिजली की मांग 2019 के समान महीने के 110.11 अरब यूनिट की तुलना में घटकर 84.55 अरब यूनिट पर आ गई थी। इसकी मुख्य वजह कोरोना वायरस की वजह से मार्च के आखिरी सप्ताह में लगाया गया लॉकडाउन था। इसके साथ ही पिछले साल अप्रैल में व्यस्त समय की बिजली की मांग एक साल पहले के 176.81 गीगावॉट से घटकर 132.20 गीगावॉट रही थी।
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आगामी दिनों में आ सकती है गिरावट
हालांकि, इसके साथ ही विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि कोविड-19 संक्रमण के मामले बढ़ने के बीच वाणिज्यिक और औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित होने से आगामी दिनों में बिजली की मांग में गिरावट आ सकती है। विशेषज्ञों कहना है कि चालू महीने के पहले पखवाड़े में बिजली की ऊंची मांग पिछले साल की समान अवधि के निचले आधार प्रभाव की वजह से है। हालांकि, इससे स्पष्ट तौर पर वाणिज्यिक और औद्योगिक गतिविधियों में सुधार का संकेत मिलता है।
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