ब्रोकरेज फर्म नुवामा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर 2025 में बिजली मांग में सुधार देखने को मिला, जिससे वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के दौरान आई समग्र कमजोरी कुछ हद तक कम हुई। हालांकि, तिमाही के अधिकांश हिस्से में बेमौसम बारिश और अपेक्षाकृत कम तापमान के कारण बिजली मांग पर दबाव बना रहा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि दिसंबर 2025 में बिजली की मांग साल-दर-साल आधार पर 6.8 प्रतिशत बढ़ी, जो तिमाही की कमजोर शुरुआत के बाद स्थिर सुधार का संकेत है। इसके साथ ही, नुवामा ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में अपने पावर सेक्टर कवरेज में शामिल कंपनियों के लिए मामूली मुनाफा वृद्धि का अनुमान जताया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान में कमजोर थर्मल प्लांट लोड फैक्टर (PLF) के कारण मुनाफे की वृद्धि सीमित रह सकती है।
हालांकि, पूरी तिमाही को देखें तो बिजली मांग 0.4 प्रतिशत घट गई। इसका मुख्य कारण अक्तूबर में हुई बेमौसम बारिश और औसत तापमान का 23 डिग्री सेल्सियस रहना बताया गया है, जबकि वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में औसत तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस था।
इसके बावजूद, पीक पावर डिमांड मजबूत बनी रही। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में अधिकतम मांग करीब 241 गीगावॉट तक पहुंच गई, जो पिछले साल की समान अवधि से 7.6 प्रतिशत अधिक है। यह उच्च मांग वाले समय में बिजली खपत की अंतर्निहित मजबूती को दर्शाता है।
उत्पादन के मोर्चे पर, थर्मल पावर का दबदबा बना रहा और वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में कुल बिजली उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी करीब 77 प्रतिशत रही। हालांकि, विभिन्न यूटिलिटीज में प्लांट लोड फैक्टर अपेक्षाकृत कमजोर बना रहा।