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अल-नीनो का असर गहरा: जून में 40% कम बारिश का असर, खरीफ बुवाई 23% घटी; जलाशयों में भी घटा जलस्तर

Wed, 01 Jul 2026 08:54 AM IST
Pavan बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कृषि मंत्रालय के मुताबिक, जून अंत तक देश में कुल 182.72 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुवाई हुई है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 236.46 लाख हेक्टेयर से 23 फीसदी कम है।
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अल-नीनो का असर गहरा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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अल-नीनो प्रभाव के कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून की चाल सुस्त पड़ने से देश में धान सहित पूरे खरीफ फसलों की बुवाई में 23 फीसदी की कमी आई है। इसके अलावा, कमजोर मानसून के कारण प्रमुख जलाशयों में भी 26 फीसदी पानी ही बचा है। कृषि मंत्रालय के मुताबिक, जून अंत तक देश में कुल 182.72 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुवाई हुई है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 236.46 लाख हेक्टेयर से 23 फीसदी कम है। दलहन, तिलहन, मोटे अनाज और कपास की बुवाई भी घटी है।
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यह भी पढ़ें- Monsoon: जून के बाद जुलाई में भी कमजोर रहेगा मानसून, आईएमडी ने सामान्य से सिर्फ 94% बारिश का अनुमान जताया

उधर, मौसम विभाग के मुताबिक, एक से 30 जून तक देश में सामान्य 165.3 मिमी के मुकाबले सिर्फ 99.5 मिमी बारिश हुई है। यह सामान्य से 40 फीसदी कम बारिश है। 36 सब-डिवीजन में से 20 फीसदी में सामान्य, 12 फीसदी में ज्यादा, 64 फीसदी में सामान्य से कम और 14 फीसदी में सामान्य से बहुत कम बारिश हुई है। कम बारिश के कारण केंद्रीय जल आयोग की निगरानी वाले 166 प्रमुख जलाशयों में 25 जून तक 48.405 अरब घन मीटर पानी उपलब्ध था, जो उनकी पूर्ण भंडारण क्षमता का सिर्फ 26.37 फीसदी है। यह पिछले वर्ष के स्तर का 73.21 फीसदी और सामान्य स्तर का 105.67 फीसदी है। इनमें से 111 जलाशयों में सामान्य भंडारण का 80 फीसदी से अधिक पानी उपलब्ध था, जबकि 55 में यह 80 फीसदी या उससे कम था। 29 जलाशयों में पानी सामान्य स्तर से 50 फीसदी या उससे भी कम रहा।
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टमाटर-प्याज ने बढ़ाई महंगाई की आशंका
टमाटर, प्याज और आलू की कीमतें फिर बढ़ने लगी हैं, जिससे खाद्य महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, एक महीने में टमाटर की औसत खुदरा कीमतों में 18 फीसदी, प्याज में 11 फीसदी और आलू में 1.3 फीसदी की वृद्धि हुई है। ये तीनों सब्जियां मिलकर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई में 1.75 फीसदी योगदान देती हैं।
  • सालाना आधार पर, टमाटर की कीमतें 25 फीसदी और प्याज की 3.3 फीसदी ऊपर हैं। हालांकि, आलू के दाम 17 फीसदी कम हैं।
  • यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में टमाटर 50% तक महंगे हो गए हैं। दिल्ली में अत्यधिक गर्मी के कारण उत्पादन प्रभावित होने और आपूर्ति बाधित होने से कीमतें लगभग दोगुनी हो गई हैं।

बुवाई में गिरावट (लाख हेक्टेयर में)
  •    फसल      2025  2026  कमी
  •    धान      34.41 25.75 25.2%
  •    दलहन     21.46 14.92 30.5%
  •    अरहर     8.45  3.56  57.9%
  •    उड़द     2.51  1.07  57.4%
  •    बाजरा    13.06 11.34 13.2%
  •    तिलहन    36.41 16.99 53.3%
  •    सोयाबीन  19.97 6.92  65.3%
  •    कपास     45.36 29.66  34.6%
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खाद्य तेलों की भी बढ़ सकती हैं कीमतें
प्रमुख तिलहन उत्पादक राज्यों में सोयाबीन की बुवाई में देरी ने घरेलू आपूर्ति में कमी के कारण खाद्य तेलों की महंगाई बढ़ने की आशंका बढ़ा दी है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना और कर्नाटक में सोयाबीन की बुवाई 15 दिन पीछे चल रही है। खाद्य तेल कंपनियों को डर है कि अल नीनो के कारण मौसम में पैदा होने वाली रुकावटें तिलहन उत्पादन को और कम कर सकती हैं, जिससे खुदरा कीमतें और ऊपर जा सकती हैं।
 
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