शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड आदि में वित्तीय सेवा देने वाली प्रमुख स्टॉक ब्रोकिंग कंपनी एडेलवाइज समूह में हुए 2000 करोड़ रुपये के घोटाले के संबंध में चेयरमैन रशेश शाह से ईडी ने पूछताछ के लिए समन भेजा था, जिसके बाद वो उपस्थित नहीं हुए। अब जांच एजेंसी दोबारा से समन भेजकर शाह को उपस्थित होने का आदेश जारी करेगी।
यह मामला मीरा-भायंदर स्थित एक फर्म कैपस्टोन फॉरेक्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े विदेशी मुद्रा के उल्लंघन का है। हालांकि एडेलवाइज फाइनेंस सर्विसेज ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उसकी किसी भी कंपनी ने संबंधित फर्म के साथ कोई लेनदेन नहीं किया है। कंपनी ने एक बयान मे कहा है कि, हमें ईडी की ओर से कैपस्टोन फॉरेक्स प्राइवेट लिमिटेड नामक एक कंपनी के साथ एडेलवाइज ग्रुप की कंपनियों को लेकर एक संदेश मिला है। हम यह बताना चाहते हैं कि हमारी किसी भी कंपनी का कैपस्टोन फॉरेक्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ कोई लेनदेन नहीं है। हम आधारहीन आरोपों को सिरे से नकारते हैं।'
यह कंपनी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड है। बहरहाल, इस खबर की वजह से एडेलवाइज फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयर में शुक्रवार को 10 फीसदी तक की गिरावट आई और यह 106 रुपये के भाव पर बंद हुआ।