विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून (फेमा) के सक्षम प्राधिकारी ने चीन की मोबाइल निर्माता कंपनी शाओमी के 5,551 करोड़ रुपये जब्त करने की कार्रवाई को मंजूरी दे दी। देश के इतिहास में यह सबसे बड़ी जब्ती की कार्रवाई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बैंकों में जमा शाओमी की राशि जब्त करने का आदेश 29 अप्रैल को दिया था।
बाद में, मंजूरी के लिए इसे सक्षम प्राधिकारी को भेजा गया। कानूनन यह स्वीकृति अनिवार्य है। देश में विदेशी मुद्रा विनियम के उल्लंघन से निबटने के लिए फेमा का इस्तेमाल किया जाता है। शाओमी भारत में एमआई व शाओमी के नाम से मोबाइल फोन का कारोबार करती है, जो चीन के शाओमी समूह के पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है।
ईडी के अनुसार, शाओमी ने भारत में 2014 में कारोबार शुरू किया और 2015 से देश से धन बाहर भेजना शुरू किया। कंपनी ने तीन विदेशी इकाइयों को रॉयल्टी के नाम पर 5551 करोड़ से अधिक का भुगतान किया। इसमें एक इकाई शाओमी समूह की खुद की है।
अवैध रूप से विदेश भेजी राशि प्राधिकारी ने माना, 5551.27 करोड़ रुपये के बराबर मूल्य की विदेशी मुद्रा शाओमी ने गैरकानूनी रूप से विदेश भेजी। रॉयल्टी के नाम पर भुगतान सिर्फ विदेशी मुद्रा भारत से बाहर भेजने का बहाना भर था, जो फेमा का खुला उल्लंघन था।
47.64 लाख रुपये की क्रिप्टो मुद्रा व टीथर ईडी ने किया फ्रीज
ईडी ने मनी लॉन्डि्रग कानून (पीएमएलए) के तहत 47.64 लाख रुपये की आभासी मुद्रा क्रिप्टो और टीथर को फ्रीज किया है। ईडी ने मोबाइल गेमिंग एप्लिकेशन से जुड़ी आमिर खान नामक शख्स की जांच के दौरान कार्रवाई को अंजाम दिया है। एजेंसी ने बताया, कोलकाता की पार्क स्ट्रीट पुलिस की ओर से फेडरल बैंक की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी के आधार पर आमिर खान व अन्य के खिलाफ धन शोधन की जांच शुरू की गई थी।
ई-नगेट्स गेमिंग एप से ठगी
खान ने ई-नगेट्स के नाम से लोगों को ठगने के लिए मोबाइल गेमिंग एप बनाया था। इस एप के जरिये शुरू में तो मोबाइल गेम खेलने वालों को पैसे मिलते, लेकिन जब पर्याप्त राशि कंपनी के पास आ जाती, तो अचानक से किसी-न-किसी बहाने से पैसा मिलना बंद हो जाता। बाद में एप के सर्वर से सारा डाटा भी नष्ट कर दिया जाता था। खान के खिलाफ छापे में एजेंसी को 17.32 करोड़ रुपये बरामद हुए थे।