चालू वित्तीय वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था सात प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर हासिल करने की दिशा में बढ़ रही है। बुधवार को वित्त सचिव टीवी सोमनाथन ने पहली तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के आंकड़ों पर बाेलते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था कोरोना महामारी के पहले के स्तर के मुकाबले चार प्रतिशत अधिक मजबूत है। वित्तीय वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही में वृद्धि दर 13.5% रही। वित्त सचिव ने आयात बढ़ने से राजकोष पर दबाव बढ़ने के मसले पर कहा कि सरकार चालू वित्त वर्ष में जीडीपी के 6.4% पर बनाए रखने के लिए आश्वस्त है।
वहीं आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ ने कहा है कि अगस्त में माल और वित्त सेवा कर (GST) कलेक्शन 1.42 लाख करोड़ रुपये से 1.43 लाख करोड़ रुपये के बीच रहने का अनुमान है। ये आंकड़े अर्थव्यवस्था में तेजी को दर्शाते हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अर्थव्यवस्था में सकल स्थिर पूंजी निर्माण में अप्रैल-जून महीने में 34.7% की वृद्धि हुई यह दस वर्षों में सबसे अधिक है।