बिजली सचिव एसएन सहाय ने कहा कि देश में बिजली की मांग बुधवार सुबह बढ़कर 185.82 गीगावाट हो गई, जो अब तक का उच्चतम स्तर है। सहाय ने ट्वीट किया कि, 'बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। एक और रिकॉर्ड- अखिल भारतीय मांग: 20 जनवरी 2021 को सुबह नौ बजकर 35 मिनट पर 185.82 गीगावाट यानी 1,85,822 मेगावाट। इसने पिछली अखिल भारतीय मांग 182.89 गीगावाट यानी 1,82,888 मेगावाट को पीछे छोड़ दिया।'
आर्थिक गतिविधियों में हो रही बढ़ोतरी
देश में 30 दिसंबर को बिजली की मांग 182.89 गीगावाट थी। बिजली की बढ़ती मांग से आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी का पता चलता है। इस दौरान वाणिज्यिक और औद्योगिक मांग तेज हुई है, जो कोरोना वायरस महामारी के चलते लागू किए गए लॉकडाउन में प्रभावित हुई थी।
महामारी से प्रभावित हुई थी मांग
देश में कोरोना वायरस महामारी को फैलने से रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के चलते आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई थीं, जिससे बिजली खपत में मार्च से गिरावट आनी शुरू हो गई। मार्च 2020 से लेकर अगस्त 2020 तक बिजली खपत प्रभावित रही। सालाना आधार पर बिजली खपत में मार्च में 8.7 फीसदी, अप्रैल में 23.2 फीसदी, मई में 14.9 फीसदी, जून में 10.9 फीसदी, जुलाई में 3.7 फीसदी और अगस्त में 1.7 फीसदी की गिरावट आई थी। इसके बाद स्थिति में सुधार आना शुरू हुआ।
छह महीने बाद सितंबर में बढ़ी मांग
मालूम हो कि छह महीने बाद बिजली खपत में सितंबर में 4.4 फीसदी और अक्तूबर में 11.6 फीसदी की वृद्धि हुई थी। इसके बाद नवंबर में बिजली खपत 3.7 फीसदी बढ़कर 97.43 अरब यूनिट रही, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह आंकड़ा 93.94 अरब यूनिट था।