ई-वाहनों के प्रति लोगों के बढ़ते आकर्षण की वजह से इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन कंपनियों की कमाई तेजी से बढ़ी है। जॉय ई-बाइक नाम से ई-दोपहिया वाहन बनाने वाली वार्डविजार्ड फरवरी, 2022 में 4,450 ई-बाइक बेच चुकी है। यह फरवरी, 2021 की तुलना में 1,290 फीसदी ज्यादा है।
महंगाई और कच्चे तेल में तेजी के बाद अब इलेक्ट्रिक स्कूटर के दाम भी अगले तीन साल में 45,000 रुपये तक बढ़ सकते हैं। क्रिसिल ने एक रिपोर्ट में कहा कि पर्यावरण को बचाने के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ने के कारण ई-वाहनों की मांग बढ़ रही है। सबसे ज्यादा ई-स्कूटरों की मांग में तेजी देखी जा रही है।
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रिपोर्ट के मुताबिक, ई-स्कूटरों की तरफ लोगों का आकर्षण बढ़ने से 2025 तक इनकी कीमतों में 45,000 रुपये तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इसकी भरपाई ई-वाहन के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना से की जा सकती है। किफायती होने, कई मॉडल की उपलब्धता और घर पर चार्जिंग के आसान विकल्पों के कारण ई-वाहन को बड़े स्तर पर अपनाने का क्रम जारी रहेगा।
फेम-2 के तहत सब्सिडी 85 फीसदी
क्रिसिल ने रिपोर्ट में कहा है कि ईवी की बिक्री में बढ़ोतरी मुख्य रूप से नेशनल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी मिशन प्लान के तहत फेम योजना और विभिन्न राज्यों की ओर से दी जाने वाली सब्सिडी से संभव हुई है। ये सब्सिडी एक पारंपरिक इंटरनल कंबस्टन इंजन (आईसीई) वाहन और एक ईवी की खरीद लागत के बीच के अंतर की भरपाई करते हैं। फेम के पहले चरण के तहत कुल 60-65 फीसदी की तुलना में यह सब्सिडी फेम के दूसरे चरण के तहत 85 फीसदी हो गई है।
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बिक्री में लगातार बढ़ोतरी
ई-वाहनों के प्रति लोगों के बढ़ते आकर्षण की वजह से इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन कंपनियों की कमाई तेजी से बढ़ी है। जॉय ई-बाइक नाम से ई-दोपहिया वाहन बनाने वाली वार्डविजार्ड फरवरी, 2022 में 4,450 ई-बाइक बेच चुकी है। यह फरवरी, 2021 की तुलना में 1,290 फीसदी ज्यादा है। चालू वित्त वर्ष (अप्रैल-फरवरी 2022) में कंपनी ने 25,000 यूनिट की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया।
हीरो इलेक्ट्रिक ने भारत में पहला लिथियम आयन आधारित ई-स्कूटर विकसित किया है। कंपनी अब तक 4.5 लाख इलेक्ट्रिक दोपिहया वाहन बेच चुकी है। 2020 की तुलना में 2021 में हाई स्पीड और लो स्पीड सहित इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की कुल बिक्री 132 फीसदी से ज्यादा बढ़ी है।
लागत में आएगी कमी
पिछले कुछ वर्षों में ईवी की बिक्री पर सब्सिडी वित्त वर्ष 2017 के कम आधार प्रभाव की तुलना में और महामारी के बावजूद तेजी से बढ़ी है।
फेम के तहत मिलने वाली सब्सिडी से 2021-22 और 2022-23 में आईसीई वैरिएंट के मुकाबले ई-स्कूटरों की कुल अधिग्रहण लागत 7,500-9,500 रुपये कम पडेगी। इसे देखते हुए कुछ साल में बिक्री बढ़ने का अनुमान है।