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ई-पैन कार्ड: ई-मेल और मैसेज के जरिये हो रही धोखाधड़ी, ठगी का अजीब तरीका अपना रहे घोटालेबाज; ऐसे करें बचाव

Mon, 30 Dec 2024 04:15 AM IST
शुभम कुमार बिजनेस डेस्क, अमर उजाला

सार

घोटालेबाज ठगी के तरीके बदलते रहते हैं। प्रेस सूचना ब्यूरो फैक्ट चेक में कहा गया है कि आयकर विभाग से फर्जी ईमेल से यूजर्स को उनके ई-पैन कार्ड डाउनलोड करने के लिए कहा जा रहा है। आपको ठगी के इस नए स्वरूप से बचने का तरीका बताती रिपोर्ट...
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साइबर अपराध। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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पैन 2.0 डिजिटल ई-पैन कार्ड के लिए आयकर विभाग की नई परियोजना है। इन नए पैन कार्डों में बेहतर सुरक्षा और धोखाधड़ी की रोकथाम के लिए एक क्यूआर कोड की सुविधा है। मौजूदा पैन कार्डधारकों को नए पैन कार्ड के लिए आवेदन करने की जरूरत नहीं है। हालांकि, ऐसा करने के फायदे भी हैं। पीआईबी फैक्ट चेक ने सोशल मीडिया पर ई-पैन कार्ड डाउनलोड धोखाधड़ी के बारे में सचेत किया है और कहा है कि यह फर्जी ईमेल है। संवेदनशील या वित्तीय जानकारी मांगने वाले के कॉल, मैसेज, ईमेल का जवाब कभी भी न दें। आयकर विभाग ई-मेल के जरिये व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांगता है।
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ई-मेल और मैसेज के जरिये धोखाधड़ी
आयकर विभाग की वेबसाइट के अनुसार, वित्तीय संस्थानों, लोकप्रिय सोशल वेबसाइटों व ऑनलाइन भुगतान या किसी और तरीके का उपयोग आम तौर पर जनता को लुभाने के लिए किया जाता है। इसे ज्यादातर ई-मेल या मैसेज के जरिये भेजा जाता है। यह अक्सर यूजर्स को एक नकली वेबसाइट पर विवरण दर्ज करने के लिए निर्देशित करती है। इस तरह की वेबसाइटें लगभग मूल वेबसाइटों की तरह ही बनाई जाती हैं और उसमें लोगो व अन्य जानकारी भी वैसी ही डाली जाती हैं।

ईमेल-मैसेज में मिला कोई भी अटैचमेंट न खोलें
विभाग ने सोशल मीडिया पर कहा, ईमेल या मैसेज में मिला कोई भी अटैचमेंट न खोलें। इनमें ऐसा कोड हो सकता है जो आपके कंप्यूटर को संक्रमित कर देगा। किसी भी लिंक पर क्लिक न करें।
  • यदि आपने किसी संदिग्ध ई-मेल या फिशिंग वेबसाइट के लिंक पर क्लिक किया है तो बैंक खाता, क्रेडिट कार्ड विवरण, आधार कार्ड और अन्य गोपनीय जानकारियां दर्ज न करें।  
  • अपने ब्राउजर पर संदेश से लिंक को काटकर पेस्ट न करें। फिशर लिंक को सही दिखा सकते हैं, लेकिन यह दूसरी वेबसाइट पर भेज सकता है।
बचाव के लिए फायरवॉल का उपयोग करें
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ठगी के इन तरीकों से बचने के लिए एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर, एंटी स्पाइवेयर और फायरवॉल का उपयोग करें और उन्हें नियमित रूप से अपडेट करें। कुछ फिशिंग ई-मेल में ऐसे सॉफ्टवेयर होते हैं जो आपके कंप्यूटर को नुकसान पहुंचा सकते हैं या आपकी जानकारी के बिना इंटरनेट पर आपकी गतिविधियों को ट्रैक कर सकते हैं। एंटी-वायरस और एंटी-स्पाइवेयर सॉफ्टवेयर और फायरवॉल आपको ऐसी अवांछित फाइलों को अनजाने में स्वीकार करने से बचा सकते हैं।

ऐसे करें शिकायत
यदि आपको कोई ई-मेल मिलता है या कोई ऐसी वेबसाइट मिलती है जो लगता है कि नकली हो सकती है, तो ई-मेल या वेबसाइट यूआरएल को webmanager@incometax.gov.in पर भेजें। साथ ही, incident@cert-in.org.in पर भी उसको सीसी कर दें।
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