चीन के निर्यात में अक्तूबर महीने में गिरावट दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका को होने वाले निर्यात में 25 प्रतिशत की तेज गिरावट आई, जिससे कुल वैश्विक निर्यात में 1.1 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। सितंबर में चीन के निर्यात में 8.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। वहीं अक्तूबर का प्रदर्शन फरवरी के बाद सबसे कमजोर रहा।
वहीं, चीन के आयात में अक्तूबर में मामूली एक प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो सितंबर के 7.4 प्रतिशत की वृद्धि दर से काफी कम है। विश्लेषकों का कहना है कि ये आंकड़े वैश्विक मांग में कमजोरी और अमेरिका-चीन व्यापारिक संबंधों में अनिश्चितता को दर्शाते हैं।
चीन की ओर से अमेरिका को निर्यातित माल में लगातार सात महीनों से दोहरे अंक की गिरावट आ रही है, जबकि उसने अपने निर्यात बाजारों को दक्षिण-पूर्व एशिया और अफ्रीका जैसे क्षेत्रों में विविधतापूर्ण बना दिया है। अक्तूबर में आई गिरावट 2024 में इसी महीने के लिए उच्च आधार से भी प्रभावित हुई, जब निर्यात वृद्धि 12.6% से अधिक हो गई। यह दो वर्षों में सबसे तेज दर थी।
अक्तूबर के अंत में दक्षिण कोरिया में अपनी बैठक में, ट्रंप और शी जिनपिंग ने टैरिफ कम करने और एक-दूसरे के जहाजों पर लगाए गए नए बंदरगाह शुल्क को स्थगित करने पर सहमति जताई। चीन ने रेयर अर्थ एलिमेंट्स पर अपने कुछ निर्यात नियंत्रणों को एक साल के लिए स्थगित कर दिया और अमेरिका से सोयाबीन और अन्य कृषि उत्पादों की अधिक खरीद करने पर सहमति जताई। अमेरिका ने चीनी कंपनियों पर लगे कुछ प्रतिबंधों में ढील दी।
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गोल्डमैन सैक्स के अर्थशास्त्रियों ने ट्रम्प-शी बैठक के बाद कहा कि उन्हें उम्मीद है कि चीनी निर्यात की मात्रा में प्रतिवर्ष 5 से 6% की वृद्धि होगी। इससे चीन को वैश्विक बाजार में हिस्सेदारी हासिल करने और उसके समग्र आर्थिक विस्तार में मदद मिलेगी।