गो फर्स्ट एयरलाइन ने अपनी सभी उड़ानें 31 जुलाई तक के लिए रद्द कर दी हैं। परिचालन कारणों से विमानना कंपनी ने यह फैसला लिया है। विमानन कंपनी ने यात्रियों से असुविधा के लिए माफी मांगी है। दरअसल, आर्थिक संकट से जूझ रही कंपनी ने तीन मई से ही अपनी सभी उड़ाने बंद कर रखी हैं।
इस बीच राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने यात्रा के लिए टिकट खरीदने वाले करीब 15.5 लाख यात्रियों को 597.54 करोड़ रुपये वापस करने की याचिका पर सोमवार को गो फर्स्ट के कर्जदाताओं की समिति तथा दिवाला व ऋण शोधन अक्षमता बोर्ड को नोटिस जारी किया। संकटग्रस्त गो फर्स्ट के समाधान पेशेवर (आरपी) ने यात्रियों को पैसे वापस करने की अनुमति मांगने के लिए एनसीएलटी का रुख किया है।
समाधान पेशेवर का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता रामजी श्रीनिवासन ने कहा कि यह बंद पड़ी एयरलाइन को बहाल करने की व्यावसायिक योजना के तहत किया जा रहा है। एनसीएलटी की पीठ ने कहा कि ऐसी व्यवसाय योजना की व्यवहार्यता तथा क्रियान्वयन ऋणदाताओं की समिति (सीओसी) के सदस्यों के सुझावों के तहत होनी चाहिए।
महेंद्र खंडेलवाल तथा राहुल पी. भटनागर वाली एनसीएलटी की पीठ ने समाधान पेशेवर से राशि की वापसी पर ऋणदाताओं से विशेष मंजूरी लेने को कहा। श्रीनिवासन ने कहा कि सीओसी को इसकी जानकारी है और उन्होंने इसकी मंजूरी दे दी है। बहरहाल, उन्होंने इस बात का पता लगाने के लिए समय मांगा कि क्या इस विशिष्ट योजना को सीओसी ने मंजूरी दी है या नहीं। मामले पर आगे की सुनवाई सात अगस्त को होगी।