शादियों का सीजन देश भर में शुरू हो चुका है। ऐसे में अगर आपके घर में बेटा या फिर बेटी की शादी होने वाली है और आप इस पर होने वाले खर्च से परेशान हो रहे हैं, तो फिर घबराने की बात नहीं है। हम आपको ऐसे 7 तरीके बताने जा रहे हैं, जिनकी मदद से आप शादी में होने वाले खर्च को आसानी से कम कर सकेंगे और जेब पर भी बोझ नहीं पड़ेगा।
नोटबंदी से कम हुआ खर्चा
पिछले साल हुई नोटबंदी के बाद से वैसे ही शादियों में होने वाले खर्च में कटौती आ गई है। लोग ज्यादा से डिजिटल पेमेंट करने लगे हैं। हालांकि जुलाई से लागू हुए गुड्स एंड सर्विस टैक्स ने रही कही कसर को पूरा कर दिया। इससे प्रत्येक सर्विस काफी महंगी हो गई है।
सर्विस टैक्स हुआ मंहगा
जीएसटी के बाद से सर्विस टैक्स 18 फीसदी हो गया है। ऐसे में आप शादी के लिए जो भी सर्विस को बुक करेंगे उस पर सर्विस चार्ज बढ़कर देना होगा। अगर आपने कोई सर्विस बुक की है जिसको 1 लाख रुपये में बुक किया है तो उस पर 18 हजार रुपये टैक्स के तौर पर अतिरिक्त देना होगा। टैक्स एक्सपर्ट के मुताबिक ऐसे में टेंट, कैटरिंग, डेकोरेशन, फ्लॉवर डेकोरेशन सभी तरह की सर्विस पर जीएसटी देना ही होगा।
गोल्ड, कपड़ों को सिलवाएं या रेंट पर लें
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- फोटो : सांकेतिक चित्र
गोल्ड और कपड़ों की खरीद पर पहले जीएसटी नहीं लगता था। लेकिन जुलाई के बाद से गोल्ड पर 3 फीसदी और ब्रांडेड कपड़ों पर 5 व 12 फीसदी की दर से जीएसटी लगने लगा है। 1000 रुपये से नीचे के कपड़ो पर 5 एवं इससे अधिक मूल्य के कपड़ों पर 12 फीसदी टैक्स लगता है।
इससे कपड़े भी महंगे हो गए हैं। वहीं सोने-चांदी की खरीद पर जीएसटी के अलावा पैन कार्ड, केवाईसी और 13 फीसदी तक मेकिंग चार्ज भी देना होगा। ऐसे में हमारी आपको सलाह है कि ब्रांडेड कपड़ों को खरीदने के बजाए उसके लिए कपड़ा लेकर सिलवा लें। इससे खर्च भी कम आएगा और टैक्स भी काफी बचेगा। साथ ही आपको अपनी मनपसंद डिजाइन में कपड़े भी पहनने को मिलेंगे।
देशी मेन्यू को करें शामिल
शादी में जो आप डिनर या लंच देते हैं उसमें केवल देशी मेन्यू को शामिल करें। अगर आपने ज्यादा इंटरनेशनल डिशेस रखी तो फिर आपक बजट प्रति प्लेट 400 रुपये तक बढ़ जाएगा। महानगरों में कैटरर्स एक प्लेट का 500 से 1200 रुपये के बीच चार्ज करते हैं। यह होटल और मैरिज हॉल के ऊपर डिपेंड करता है। इसके अलावा अगर आप खुले ग्राउंड में शादी करते हैं तो यह और सस्ता पड़ेगा।
नहीं छपवाएं शादी के कार्ड
डिजिटल युग में शादी के कार्ड छपवाना भी फिजूलखर्ची है। कार्ड पर पैसा खर्च करने के बजाए आप ई-निमंत्रण पत्र, वेबसाइट या फिर वीडियो पोस्ट कर सकते हैं। फिर इसको फेसबुक, व्हाट्सऐप और ई-मेल के जरिए अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को भेज सकते हैं।
प्रोफेशनल फोटोग्राफर की जगह फ्रीलांसर का करें चुनाव
शादी की फोटो और वीडियो बनवाने के लिए आप प्रोफेशनल फोटोग्राफर की जगह किसी फ्रीलांसर को भी हायर कर सकते हैं। इससे काफी पैसा बचेगा।