Make My Trip: शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसने मेक माई ट्रिप से सितंबर 2016 में नैनीताल में जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के पास एक रिसॉर्ट में रहने की बुकिंग कराई थी। पर जब वह वहां पहुंचा वह रेसॉर्ट उसे सील मिला। रिसॉर्ट को राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेश से पहले ही सील कर दिया गया था।
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने ऑनलाइन ट्रेवल कंपनी मेक माई ट्रिप को एक व्यक्ति को 35,000 रुपये से अधिक का भुगतान करने का निर्देश दिया है। आयोग की ओर से यह निर्देश सेवाओं में गड़बड़ी के आरोपों की सुनवाई के बाद दिया गया। शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसने मेक माई ट्रिप से सितंबर 2016 में नैनीताल में जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के पास एक रिसॉर्ट में रहने की बुकिंग कराई थी। पर जब वह वहां पहुंचा वह रेसॉर्ट उसे सील मिला।
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रिसॉर्ट को राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेश से पहले ही सील कर दिया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार कंपनी का कर्तव्य था कि वह सील किए गए रिसॉर्ट को बुक न करे। आयोग की अध्यक्ष पूनम चौधरी की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा इस मामले में मेक माई ट्रिप की सेवा में कमी दिखी है। इस घटना से शिकायतकर्ता और उसके परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पीठ ने कहा, 'इसलिए हम विरोधी पक्ष संख्या एक (मेक माई ट्रिप) को निर्देश देते हैं कि वह शिकायतकर्ता को खर्च किए गए 10,965 रुपये का भुगतान करे और अतिरिक्त (दूसरे रिसॉर्ट की बुकिंग के लिए) किए गए भुगतान की राशि को नौ प्रतिशत ब्याज के साथ अदा करे। इसके अलावे कंपनी को मुआवजे के रूप में 25,000 रुपये का भी भुगतान करना पड़ेगा जिसमें जिसमें मुकदमे की लागत भी शामिल होगी।