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Biz Updates:शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 20 फीसदी बढ़कर 18.90 लाख करोड़ हुआ, आंकड़े जारी

Tue, 19 Mar 2024 11:09 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Biz Updates: 18,90,259 करोड़ रुपये (17 मार्च तक) के शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह में 9,14,469 करोड़ रुपये निगम कर (सीआईटी) और प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) सहित व्यक्तिगत आयकर (पीआईटी) 9,72,224 करोड़ रुपये शामिल है।
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बिजनेस न्यूज एंड अपडेट्स - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह चालू वित्त वर्ष में 17 मार्च तक 20 फीसदी बढ़कर 18.90 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। 3.37 लाख करोड़ रुपये रिफंड भी किया गया है। इसे मिलाकर कुल 22.27 लाख करोड़ रुपये संग्रह रहा है, जो एक साल पहले की तुलना में 18.74 फीसदी अधिक है। आयकर विभाग ने बताया कि शुद्ध प्रत्यक्ष कर में कॉरपोरेशन टैक्स 9.14 लाख करोड़ रुपये रहा है। पर्सनल आयकर 9.72 लाख करोड़ रुपये रहा है। सरकार ने संशोधित अनुमान में पूरे वित्त वर्ष के लिए 19.45 लाख करोड़ रुपये के संग्रह का लक्ष्य रखा है।

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एलएनजी: घटकर 45 फीसदी रह जाएगी आयात पर निर्भरता 
घरेलू उत्पादन बढ़ने के साथ देश की आयातित तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) पर निर्भरता तीन साल में कम हो गई है। 2025-26 तक यह निर्भरता घटकर 45 फीसदी पर आने की उम्मीद है। 2020-21 में देश की एलएनजी पर आयात निर्भरता 53 फीसदी थी। केयर रेटिंग्स की रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू गैस उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि से प्राकृतिक गैस की उच्च मांग को भी समर्थन मिलने की उम्मीद है। पिछले तीन वर्षों में घरेलू प्राकृतिक गैस उत्पादन में करीब तीन करोड़ मानक घन मीटर प्रतिदिन की बढ़ोतरी हुई है। अगले वित्त वर्ष में 1.5 करोड़ मानक घन मीटर प्रतिदिन की वृद्धि की उम्मीद है।

दाम बढ़ने से घटी है मांग
2019-20 तक प्राकृतिक गैस की खपत में लगातार वृद्धि हुई थी। लेकिन, महामारी और कई देशों के बीच तनाव से आयातित एलएनजी की कीमतें बढ़ने के बाद 2021-23 से प्राकृतिक गैस की मांग में गिरावट आई है।
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तेज कर्ज वसूली के लिए सरफेसी कानून में संशोधन पर विचार
कर्ज वसूली प्रक्रिया को तेज करने के लिए वित्त मंत्रालय ने सरफेसी व डीआरटी कानूनों में संशोधन पर सुझाव देने के लिए एक समिति बनाई है। इसमें देनदारों को ई-नोटिस को कानूनी मान्यता देने का प्रावधान भी शामिल है। सूत्रों ने कहा, अतिरिक्त सचिव की अध्यक्षता वाली समिति की चर्चा अंतिम चरण में है। हम ई-नोटिस को कानूनी मान्यता देने के लिए प्रावधान पेश करने की भी योजना बना रहे हैं ताकि बैंकों से भेजे गए एसएमएस और ई-मेल को वैध नोटिस माना जा सके। 

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