केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान
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देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने आसमान छू लिया है। कोरोना काल में पेट्रोल की कीमतों ने लोगों को हलकान किया हुआ है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने की वजह से घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भारत में ईंधन की कीमतों में वृद्धि के पीछे मुख्य कारणों में से एक यह है कि हमें 80 फीसदी तेल आयात करना पड़ता है।
प्रधान ने यह भी बताया कि अर्थशास्त्रियों ने एक मुद्दा उठाया है कि कांग्रेस ने पुनर्भुगतान के लिए करोड़ों के तेल बांड छोड़े थे, जिसके कारण हमें अब इसका ब्याज और इसकी मूल कीमत दोनों चुकानी पड़ रही है, यह भी ईंधन की कीमतों में वृद्धि का एक बड़ा कारण है।
वाहन ईंधन कीमतों में एक महीने में 29वीं बार बढ़ोतरी के बाद देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें नई ऊंचाई पर हैं। सरकारी तेल कंपनियों की ओर से आज पेट्रोल व डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं हुई है। कल डीजल की कीमत अधिकतम 26 से 28 पैसे तक बढ़ी थी तो वहीं पेट्रोल की कीमत भी 27 से 28 पैसे तक बढ़ी थी। आज अंतरराष्ट्रीय तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.60 फीसदी बढ़कर 75.26 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा।
लगातार बढ़ रहे ईंधन के दामों को लेकर विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर हमलावर होता जा रहा है। जनता भी सरकार से इसका कारण पूछ रही है। मालूम हो कि आज दिल्ली में पेट्रोल का दाम 97.50 रुपये जबकि डीजल का दाम 88.23 रुपये प्रति लीटर है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 103.63 रुपये व डीजल की कीमत 95.72 रुपये प्रति लीटर है।
मई में 6.3 फीसदी कम हुआ कच्चा तेल उत्पादन
देश के कच्चा तेल उत्पादन में मई में 6.3 फीसदी कमी आई है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ओएनजीसी का उत्पादन चक्रवात 'ताउते' की वजह से माह के दौरान यह कम रहा है। सरकारी आंकड़ों में मंगलवार को यह जानकारी सामने आई है। कच्चे तेल का उत्पादन मई 2021 में 24.30 लाख टन रहा है जो कि इससे पिछले साल मई में हुये 26 लाख टन उत्पादन के मुकाबले 6.32 फीसदी कम रहा है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों में यह कहा गया है।