Dhanteras 2022 : कीमतों में उछाल के बावजूद इस साल धनतेरस पर सोने की बिक्री में तेजी रहेगी। इसकी प्रमुख वजह दुनियाभर में आर्थिक मंदी की आशंका, डॉलर में तेजी और वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ना है। सराफा कारोबारियों का कहना है कि इस साल सोने की कीमत बढ़कर 50,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। लेकिन, मौजूदा आर्थिक हालात को देखते हुए भारतीय इस कीमत पर भी सोना खरीदना बेहतर मान रहे हैं।
इंडियन बुलियन एंड जूलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के महासचिव सुरेंद्र मेहता ने बताया, पिछले धनतेरस के मुकाबले इस साल सोना 3,295 रुपये महंगा हुआ है। इसके बावजूद इस धनतेरस 40-42 टन सोना बिकने का अनुमान है। यह आंकड़ा पिछले धनतेरस पर बिके 30 टन सोने के मुकाबले 33-40 फीसदी ज्यादा है। मूल्य के लिहाज से देखें तो इस बार 2-2.10 लाख करोड़ रुपये तक की बिक्री हो सकती है।
- 40% तक ज्यादा बिक्री हो सकती है इस बार
- 3,295 रुपये महंगा है सोना पिछले धनतेरस से
कोरोना पूर्व स्तर से 50% अधिक बिक्री
| साल |
बिक्री (टन में) |
| 2021 |
30 |
| 2020 |
15 |
| 2019 |
28 |
| 2018 |
25 |
| 2017 |
21 |
(स्रोत : आईबीजेए)
अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू परिषद के चेयरमैन आशीष पेठे ने बताया कि शादियों के सीजन को देखते हुए भारी आभूषणों की भी मांग है।
बेहतर मानसून से गांवों में भी रौनक
- मेहता ने कहा, इस बार पश्चिम भारत के साथ उत्तरी भारत के इलाकों में भी सोने की मांग तेज है। दक्षिण भारत में धनतेरस पर मांग हमेशा बेहतर रहती है।
- खास बात है कि बेहतर मानसून से इस साल ग्रामीण इलाकों में भी सराफा बाजारों में भीड़ है।
छोटे शहरों में रिसाइकल पर जोर
- कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि इस बार सोने का आयात कम हुआ है। लेकिन पुराना स्टॉक होने की वजह से बाजार में कम आयात का कोई असर नहीं है।
- वैसे छोटे शहरों में लोग नए आभूषण खरीदने की जगह पुराने आभूषणों को रिसाइकल भी करा रहे हैं। यह चलन टियर-2, 3 और 4 शहरों में ज्यादा है।