एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ड्रीम11 को सबसे अधिक 25,000 करोड़ के बकाये का नोटिस मिला है। यह देश में दिया गया सबसे बड़ा अप्रत्यक्ष कर नोटिस है। आने वाले समय में गेमिंग कंपनियों को एक लाख करोड़ रुपये तक के नोटिस पहुंच सकते हैं।
केंद्र सरकार कसीनो और ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों के खिलाफ शिकंजा कस रही है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) ने 12 ऑनलाइन रियल-मनी गेमिंग कंपनियों को 55,000 करोड़ के जीएसटी बकाया को लेकर नोटिस जारी किया है। इन कंपनियों में हेड डिजिटल वर्क्स, ड्रीम11 और अन्य हैं। कुल गेमिंग आय पर जीएसटी का भुगतान न करने के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
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एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ड्रीम11 को सबसे अधिक 25,000 करोड़ के बकाये का नोटिस मिला है। यह देश में दिया गया सबसे बड़ा अप्रत्यक्ष कर नोटिस है। आने वाले समय में गेमिंग कंपनियों को एक लाख करोड़ रुपये तक के नोटिस पहुंच सकते हैं। यह नोटिस सरकार ने कसीनो और ऑनलाइन गेमिंग पर 28 फीसदी जीएसटी लगाने के निर्णय के बाद भेजे हैं।
ड्रीम11 ने पूर्व-कारण बताओ नोटिस मिलने के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया है। बंगलूरू की ऑनलाइन गेमिंग कंपनी गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजी को सितंबर 2022 में 21,000 करोड़ रुपये का कर नोटिस मिला था। अप्रत्यक्ष कर के इतिहास में इससे पहले इस तरह का यह सबसे बड़ा दावा था। पिछले सप्ताह डेल्टा कॉर्प को भी ब्याज और जुर्माने के साथ 11,139 करोड़ रुपये का कर नोटिस भेजा गया है।
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अधिकतर मामलों में जीएसटी को लेकर है विवाद
नए नियम में उपयोगकर्ताओं की ओर से ऑनलाइन गेमिंग के लिए चुकाई रकम पर कर लगाया जाएगा। इससे कौशल और अवसर वाले खेल के बीच कोई अंतर नहीं होगा। अधिकतर मामलों में इस पर विवाद है। नए नियम के तहत कौशल और अवसर दोनों पर आधारित खेल में कर वसूला जाएगा। ऑनलाइन गेमिंग को इंटरनेट या इलेक्ट्रॉनिक नेटवर्क के जरिये खेले जाने वाले गेम के रूप में परिभाषित किया गया है।