नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने सभी एयरलाइनों को यात्रियों से जुड़े कुछ दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नियामक ने विमान सेवा प्रदाता कंपनियों को यात्रियों से जुड़े विनियमों और ग्राहकों के अधिकारों से संबंधित प्रावधानों का प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया है। डीजीसीए ने सभी एयरलाइनों को निर्देश दिया गया है कि वे टिकट बुक होने के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय पर उपलब्ध यात्री चार्टर का ऑनलाइन लिंक यात्री को संदेश (एसएमएस/व्हाट्सएप) के रूप में भेजें।
इसका मतलब है कि अब जब भी यात्री हवाई टिकट बुक करेंगे तो अब उन्हें अपने अधिकारों और सुविधाओं की पूरी जानकारी मिलेगी। इस आदेश के तहत सभी एयरलाइंस कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे यात्रियों को टिकट बुकिंग के तुरंत बाद एक ऑनलाइन लिंक के माध्यम से उनके अधिकारों के बारे में उन्हें सूचित करें। इस लिंक में यात्रियों के अधिकारों, नियमों और शिकायत निवारण की पूरी जानकारी होगी, जिससे उन्हें किसी भी समस्या के समाधान में आसानी हो।
डीजीसीए के इस आदेश से यात्रियों को सहुलियत होगी। उन्हें उनकी उड़ान से संबंधित अधिकारों के बारे में स्पष्ट जानकारी मिलेगी। क्योंकि आम तौर पर यात्री फ्लाइट कैंसिल होने, बोर्डिंग डिनायल, बैगेज खोने या डैमेज होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। लेकिन ज्यादातर यात्रियों को यह नहीं पता होता कि वे इन परिस्थितियों में क्या कर सकते हैं। अब वे डीजीसीए के इस नए निर्देश से यात्रियों को न केवल उनकी सुविधाओं की जानकारी मिलेगी, बल्कि वे अपनी शिकायतों का समाधान भी करा सकेंगे।
डीजीसीए ने यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सभी एयरलाइंस कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे यात्री अधिकार चार्टर का लिंक टिकट बुकिंग के समय एसएमएस या व्हाट्सएप के जरिए सीधे यात्रियों को भेजे। इसके अलावा एयरलाइन कंपनियां यह जानकारी एयरलाइन की वेबसाइट और टिकट पर भी प्रमुखता से उपलब्ध होनी चाहिए। इससे यात्रियों को उनकी उड़ान से जुड़े नियमों, देरी और कैंसिलेशन की स्थिति में मिलने वाले मुआवजे, बैगेज से संबंधित नियमों और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी आसानी से मिल सकेगी।
डीजीसीए के आदेश के बाद सभी एयरलाइन कंपनियों ने अपने सिस्टम में बदलाव भी करना शुरू कर दिए है। एयरलाइन कंपनी स्पाइसजेट ने इस प्रक्रिया को पहले ही लागू कर दिया है और यात्रियों को उनके अधिकारों की जानकारी टिकट बुकिंग के साथ भेज रहा है। वहीं, इंडिगो भी जल्द ही यह सुविधा शुरू करने की तैयारी में है। अन्य एयरलाइंस भी अपने सिस्टम को अपडेट कर रही हैं, ताकि यात्री अधिकारों की यह महत्वपूर्ण जानकारी हर यात्री तक पहुंच सके।