सस्ता है किराया
अन्य देशों के मुकाबले भारत में हवाई किराया काफी सस्ता है। यहां पर बेसिक किराया 700 रुपये से शुरू होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि ज्यादातर कंपनियां हर वक्त ऑफर निकालती रहती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि कंपनियां चाहती हैं उनके विमान पर सभी सीटें फुल रहें। इसके बावजूद कंपनियां घाटा सह रही हैं।
यह हैं देश में प्रमुख हवाई कंपनियां
फिलहाल देश में एयर इंडिया, इंडिगो, जेट एयरवेज, एयर इंडिया, स्पाइसजेट, गो एयर, विस्तारा, एयर एशिया आदि प्रमुख एयरलाइन कंपनियां ही विमान सेवाएं मुहैया करा रही हैं। 1953 में देश में डेक्कन एयरवेज, एयरवेज इंडिया, भारत एयरवेज, हिमालयन एविएशन, कलिंग एयरलाइंस, इंडियन नेशनल एयरवेज, एयर इंडिया और एयर सर्विसेज ऑफ इंडिया जैसी कंपनियां हुआ करती थी। फिर इन कंपनियों का एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइन में विलय कर दिया गया था। तब पुष्पक एविएशन शारजाह से बॉम्बे की उड़ान भरा करता था।
1994 में आई थीं कई नई कंपनियां
1994 में सरकार द्वारा जारी की गई नए उड़ान नीति के चलते कई निजी कंपनियां खुली। इनमें एयर सहारा, मोदीलुफ्त, दामानिया एयरवेज, एनईपीसी एयरलाइन, एयर डेक्कन, किंगफिशर, पैरामाउंट एयरवेज शामिल हैं। हालांकि यह सभी कंपनियां धीरे-धीरे बंद होती गईं। सहारा को जेट ने तो डेक्कन को किंगफिशर ने खरीद लिया। किंगफिशर और पैरामाउंट बाद में बंद हो गई।
हालांकि सरकार को देखना होगा कि घाटे के बजाए हवाई कंपनियों को भी लाभ मिले, इसके लिए उसे अपनी नीतियों में काफी परिवर्तन करना होगा। वर्ना आने वाले दिनों में और कंपनियों का भी ऐसा हाल हो सकता है।