गूगल ने 2023 में अपने 12 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया। उन्हें बर्खास्तगी के लिए 210 करोड़ डॉलर यानी करीब 17,500 करोड़ रुपये भी चुकाए। साल 2024 के पहले महीने में भी एक हजार से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकाला, इसके लिए करीब 70 करोड़ डॉलर खर्च किए।
गूगल की मालिकाना कंपनी अल्फाबेट ने साल की चौथी तिमाही में हुई कमाई का लेखा-जोखा मंगलवार को जारी किया, जिसमें इसका खुलासा हुआ है। खास बात है कि इस चौथी तिमाही में अमेरिकी टेक कंपनी और सबसे बड़े इंटरनेट सर्च इंजन गूगल ने 8,600 करोड़ डॉलर यानी 7.14 लाख करोड़ रुपये कमाए। यह पिछले साल से 13 फीसदी अधिक हैं। इसके बावजूद वह लगातार कर्मचारियों को निकाल रही है। साथ ही, अपने कृत्रिम मेधा कार्यक्रम जैमिनी युग में निवेश बढ़ा रही है और ज्यादा कर्मचारियों को भी लगा रही है। इसकी वजह से कंपनी कुछ अन्य सेवाओं को इस साल बंद कर सकती है, जिससे और भी कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है। 2023 में अपने कुछ ऑफिस भी गूगल ने बंद किए। इन पर उसे 180 करोड़ डॉलर खर्च करने पड़े।
प्रमुख स्रोत: कहां से कितना कमा रहा गूगल
गूगल क्लाउड: 919 करोड़ डॉलर कमाए, 25.6 प्रतिशत इजाफा। हालांकि, अब भी इस क्षेत्र में माइक्रोसॉफ्ट के अजूर व अमेजन वेब सर्विसेस के बाद तीसरा।
सर्च इंजन: 4,800 करोड़ डॉलर कमाए। यहां भी 13 फीसदी इजाफा हुआ।
सदस्यता शुल्क: 1,070 करोड़ डॉलर। इसमें यूट्यूब प्रीमियम व म्यूजिक, यूट्यूब टीवी, गूगल वन शामिल। पिछले साल से 15 प्रतिशत वृद्धि।
गूगल का ‘जैमिनी युग’
अल्फाबेट साल 2024 को जैमिनी युग बता रही है। खुद गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने निवेशकों से बातचीत में बताया, यह एक एआई तकनीक आधारित लैंग्वेज मॉडल है। इसके जरिये साहित्य से लेकर कोडिंग तक, कई प्रकार की सामग्री बनाई जा सकती है। इसे गूगल के बड़े डाटा का लाभ मिल रहा है, जिससे यह बाकी एआई मॉडल से बहुत शक्तिशाली माना जा रहा है। इसका आधुनिक प्रारूप जैमिनी अल्ट्रा जल्द जारी हो सकता है।