चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में उपभोक्ता टिकाऊ कंपनियों का प्रदर्शन मिश्रित रहने की संभावना है। मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार कम गर्मी की वजह से सबसे ज्यादा असर रूम एयर कंडीशनर (आरएसी) सेगमेंट पर पड़ा है। उपभोक्ता टिकाऊ कंपनियां, ऐसे उत्पाद बनाती हैं, जो लंबे समय तक चलते हैं और जिन्हें बार-बार खरीदने की आवश्यकता नहीं होती है। इन्हें टिकाऊ सामान भी कहा जाता है।
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मांग में कमी के बावजूद नहीं घटी कीमतें
इसमें कहा गया कि इस साल गर्मियों की शुरुआत में तापमान अपेक्षाकृत कम रहा। दक्षिणी और पश्चिमी क्षेत्रों में मानसून का समय से पहले आगमन हुआ। अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 में आरएसी की मांग में 25 प्रतिशत की वार्षिक गिरावट आ सकती है। यह उच्च आधार से भी प्रभावित है। हालांकि, मांग में कमी के बाजूद तिमाही के दौरान बाजार में कीमतों में कोई बड़ा सुधार नहीं देखा गया।
पिछले वित्त वर्ष में रहा मजबूत प्रदर्शन
वहीं वित्त वर्ष 2025 में आरएसी सेगमेंट ने मजबूत वॉल्यूम ग्रोथ और बेहतर मार्जिन के साथ दमदार प्रदर्शन किया था। लेकिन वित्त वर्ष 2026 की शुरुआत में कमजोर मौसम से वॉल्यूम में गिरावट का खतरा बना हुआ है। इसके बावजूद उद्योग जगत चालू वित्त वर्ष के लिए 10 से 15 प्रतिशत राजस्व वृद्धि का अनुमान लगा रहे हैं। इसमें कहा गया कि त्योहारी सीजन के दौरान मांग में सुधार और जनवरी 2025 से लागू होने वाले ऊर्जा मानदंडों में बदलाव भविष्य की वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
अन्य सेगमेंट में भी मिश्रित प्रदर्शन की संभावना
- स्विचगियर सेगमेंट को औद्योगिक मांग में नरमी के कारण मार्जिन पर दबाव का सामना करना पड़ा।
- खपत की धीमी गति और कीमतों में जारी गिरावट के कारण लाइटिंग सेगमेंट में मांग में धीमी वृद्धि देखी गई। हालांकि, मूल्य निर्धारण प्रभाव को पहले की आधार में शामिल कर लिया गया है।
- फैन और एयर कूलर की मांग भी कमजोर गर्मी की वजह से प्रभावित हुई, जिससे समग्र मौसमी उत्पादों का प्रदर्शन सुस्त रहा।
- वहीं दूसरी ओर, केबल और वायर (सीएंडडब्लू) सेगमेंट ने मजबूत प्रदर्शन किया। इसमें मिड-टीन्स रेंज में वॉल्यूम ग्रोथ और मई 2025 में लगभग 2 से 3% की मूल्य वृद्धि के कारण मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।