अमेरिका में रिश्वत और फ्रॉड के मामले में अदाणी के फंसने के बाद उसका व्यापक असर हो रहा है। अदाणी समूह और उसकी कंपनियों को इस प्रकरण के कारण प्रतिष्ठा का तगड़ा नुकसान हुआ है। इसका असर लंबे वक्त तक महसूस किया जा सकता है। साथ ही साथ अदाणी के शेयरों पर भरोसा दिखाने वाले निवेशक भी भारी नुकसान में हैं और उनका भरोसा वापस बहाल होने में बहुत समय लग सकता है।
एक दिन में स्वाहा हुई लाखों करोड़ की दौलत
अमेरिकी अदालत में मामले तय होने की जानकारी सामने आने के बाद गुरुवार के कारोबार में अदाणी समूह के सारे शेयर धराशायी हो गए। समूह के शेयरों में 20-20 फीसदी तक की गिरावट आई। इसके चलते अदाणी समूह के निवेशकों को एक दिन में करीब 2।20 लाख करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ गया। यह जनवरी 2023 में आई हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट के बाद एक दिन में अदाणी के निवेशकों का सबसे बड़ा नुकसान है। इस गिरावट के चलते गौतम अदाणी की दौलत में भी 88 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की गिरावट आई।
दूर तक होगा इस मामले का असर
अदाणी का नुकसान यहीं तक सीमित नहीं है। इस मामले के चलते अदाणी समूह की फंड जुटाने की योजना रद्द हो गई है। अदाणी ग्रीन एनर्जी अमेरिकी बाजार में डॉलर बॉन्ड जारी कर 600 मिलियन डॉलर जुटाने की तैयारी कर रही थी, जिसे अब रद्द करना पड़ गया है। इस पूरे प्रकरण में अदाणी समूह की प्रतिष्ठा को जो नुकसान हुआ है, वह आने वाले समय में भी फंड जुटाने की उसकी योजनाओं पर नकारात्मक असर डाल सकता है। खास तौर पर अदाणी ग्रीन एनर्जी के लिए परिस्थितियां विकट हो गई हैं।
शक के दायरे में आए सारे सौदे
एसईसी की मानें तो अदाणी ग्रीन एनर्जी और एज्योर पावर ने विभिन्न राज्यों की सरकारी बिजली वितरण कंपनियों के साथ पावर पर्चेज एग्रीमेंट करने के लिए करोड़ों डॉलर की रिश्वत दी है। इस आरोप के कारण अदाणी ग्रीन एनर्जी और एज्योर पावर के सारे अनुबंध शक के दायरे में आ गए हैं। यह आने वाले समय में नए अनुबंध की संभावनाएं कमजोर कर सकता है।
जीक्यूजी तक पहुंच गईं आग की लपटें
ऑस्ट्रेलिया स्थित निवेश कंपनी जीक्यूजी पार्टनर्स करीब दो साल पहले आए हिंडनबर्ग संकट के समय में अदाणी के लिए संकटमोचक बनकर सामने आई थी। जनवरी 2023 में आई रिपोर्ट के बाद जब सारे निवेशक अदाणी के शेयरों से दूर भाग रहे थे, जीक्यूजी पार्टनर्स ने उस समय मार्च 2023 में अदाणी के शेयरों में करीब साढ़े 15 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया था। ऑस्ट्रेलियाई कंपनी ने बाद में अदाणी के शेयरों में अपना निवेश और बढ़ाया भी था। अभी अदाणी के शेयरों में जीक्यूजी की हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 80 हजार करोड़ रुपये हो चुकी थी। जैसे ही अमेरिका में मामला तय होने की खबर आई, ऑस्ट्रेलियाई शेयर बाजार में जीक्यूजी का शेयर 25 फीसदी तक लुढ़क गया।
एलआईसी के डूब गए इतने हजार करोड़
अदाणी के बड़े निवेशकों में सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी का भी नाम आता है और ताजे प्रकरण से उसे भी हजारों करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। अभी अदाणी समूह में एलआईसी के पास कई कंपनियों में प्रमुख हिस्सेदारी है। उनमें फ्लैगशिप अदाणी एंटरप्राइजेज, अदाणी पोर्ट्स, अदाणी ग्रीन, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस, अदाणी टोटल गैस आदि शामिल हैं। गुरुवार को इन शेयरों में 20 फीसदी तक की गिरावट आने से एलआईसी की अदाणी होल्डिंग की वैल्यू में 8,683 करोड़ रुपये की गिरावट आई। यानी एलआईसी को एक दिन में करीब 8,700 करोड़ रुपये का नुकसान हो गया।
कब बहाल हो पाएगा निवेशकों का भरोसा?
बाजार की धारणा इन आंकड़ों से खराब हो सकती है। इससे निवेशकों के मन में यह बात बैठ सकती है कि अदाणी के शेयर साल भर में जितना चढ़ते हैं, एक झटके में उतने का नुकसान हो जाता है। यह बात शेयर बाजार में अदाणी के लिए मुश्किलें बढ़ा सकती है और उसे फिर से निवेशकों का भरोसा पाने में बहुत वक्त लग सकता है। धारणा को हुए नुकसान का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि 2 साल से अदाणी के शेयरों पर सकारात्मक जीक्यूजी पार्टनर्स भी अभी अब अपने निवेश की समीक्षा करने की बात कर रही है।