रतन टाटा, साइरस मिस्त्री
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2019 बाद से एसपी ग्रुप में बढ़ी नई पीढ़ी की हिस्सेदारी
दिसंबर 2012 में जब सायरस मिस्त्री को टाटा समूह का अध्यक्ष नियुक्त किया गया उसके बाद उन्होंने अपने पारिवारिक व्यवसाय का संचालन नहीं किया, उन्हाेंने अपने पारिवारिक ग्रुप के कामकाज का भार अपने बड़े भाई शपूर मिस्त्री को सौंप दिया।
2019 के अंत के बाद एसपी समूह में प्रबंधन के स्तर पर कई परिवर्तन किए गए शपूर के 26 वर्षीय बेटे को समूह की होल्डिंग कंपनी के बोर्ड में शामिल किया गया, जबकि बेटी तान्या समूह की कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) की गतिविधियों को संभालती हैं।
परिवार की नई पीढ़ी को डिजिटाइजेशन को बढ़ावा देने और शेयरहोल्डर्स के साथ बेहतर ढंग से कम्यूनिकेट करने के उद्देश्य से ग्रुप की कंपनियों में शामिल किया गया। सायरस के बड़े भाई शपूर के बेटे पलोन कंपनी के उस शीर्ष पैनल का हिस्सा है जो दीर्घकालिक, रणीनीतिक और प्रभावशाली फैसले लेती है।
इंजीनियरिंग कौशल के लिए दुनिया भर में है शपूरजी पलोनजी ग्रुप का नाम
शपूरजी पलोनजी एंड कंपनी अपने इंजीनियरिंग कौशल के लिए जानी जाती है और यह कंपनी अपने प्रमुख एफकॉन्स के तहत देश की सबसे पुरानी घरेलू निर्माण इंजीनियरिंग और निर्माण कंपनी है। कंपनी की पहली परियोजना दक्षिण मुंबई में गिरगांव चौपाटी पर फुटपाथ का निर्माण कार्य था। उसके बाद मालाबार हिल पर एक जलाशय का निर्माण भी इसी ग्रुप ने किया जो तब से यहां के स्थानीय लोगों को पानी की आपूर्ति कर रही है।
ओबेरॉय होटल समेत कई ऐतिहासिक इमारतों का एसपी समूह ने किया है निर्माण
एसपी समूह के इंजीनियरिंग ग्रुप ने पूरे एशिया में भव्य होटलों, स्टेडियम, महलों और कारखानों का निर्माण किया है। इस ग्रुप ने जिन ऐतिहासिक और आइकॉनिक इमारतों का निर्माण किया हैं उनमें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का हेडक्वार्टर, बीएसई टॉवर, मुंबई का ओबेरॉय होटल और ओमान के सुल्तान के लिए बनाया गया ब्लू एंड गोल्ड अल आलम पैलेस शामिल हैं।
कंपनी ने राजस्थान के नाथद्वारा में दुनिया की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा जो दुनिया की चौथी सबसे बड़ी प्रतिमा है का भी निर्माण कराया है। दुबई की जुमैरा लेकर टॉवर और मॉरिशस की इबेन साइबर सिटी का निर्माण भी एसपी ग्रुप ने ही किया है। भारत में चेनाब नदी पर बना रेलवे ब्रिज, अटल टनल, ढाका चटगांव रेलवे टनल कॉरिडोर और देश की पहली कोलकाता मेट्रो का निर्माण भी इसी ग्रुप ने किया है।
इसके अलावा कंपनी ने मुबंई का ब्रेबोर्न स्टेडियम, नई दिल्ली और मुंबई के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम का भी निर्माण कराया है। एक समय पर कपंनी ने रिकॉर्ड 21 महीनों में 1.6 करोड़ की लागत से मुंबई सेंट्रल स्टेशन का भी निर्माण किया था।
कई कारोबार से ग्रुप ने बीते वर्षों में अपना हाथ खींचा
साल 2010 में एससी ग्रुप ने ही उस समय की देश की सबसे लंबी बिल्डिंग द इंपेरियल रेसिडेंशियल टावर का निर्माण कराया था। अपने निर्माण उद्योग में लगातार सफलता के झंडे गाड़ते हुए कंपनी ने कई करोबार से अपना हाथ खींचना भी जारी रखा है। एसपी ग्रुप बीते दिनों में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स बिजनेस यूरेका फोर्ब्स से बाहर निकल गई है। यह कंपनी वैक्यूम क्लीनर, वाटर प्यूरीफायर बनाने के लिए जानी जाती है। कंपनी ने इस कारोबार में अपनी 8.7 फीसदी की हिस्सेदारी निजी इक्विटी फर्म लूनोलक्स को सितंबर 2021 में 4400 करोड़ रुपये में बेच दी थी। उसी तरह कंपनी ने स्टर्लिंग एंड विल्सन सोलर पावर कंपनी में अपनी बड़ी हिस्सेदारी अक्तूबर 2021 में रिलायंस इंडस्ट्रीज को बेच दी।
वर्ष 2012 से एसपी ग्रुप का कारोबार साइरस मिस्त्री के बड़े भाई शापूरजी संभाल रहे
वर्ष 2012 में जब कंपनी के मुखिया पालोनजी मिस्त्री ने रिटायरमेंट की घोषणा की तो उसके बाद कंपनी का नियंत्रण उनके बड़े बेटे और सायरस मिस्त्री के बड़े भाई शपूरजी पलोनजी के हाथ में रहा है। बड़े भाई को कारोबार सौंपने का एक बड़ा कारण सायरस के टाटा ग्रुप का चेयरमैन बनना भी था।
टाटा ग्रुप का चेयरमैन बनने के बाद सायरस ने छोड़ दी थी पारिवारिक बिजनेस की जिम्मेदारी
टाटा ग्रुप का कारोबार संभालने के बाद सायरस मिस्त्री ने अपने पारिवारिक ग्रुप से खुद को पूरी तरह अलग कर लिया था ताकि टाटा ग्रुप के साथ एसपी ग्रुप के हितों का टकराव ना हो। इसके साथ ही सायरस मिस्त्री ने अपने ग्रुप के कंपनियों को ऐसे किसी बिजनेस में प्रवेश करने पर रोक लगा रखी थी जिसमें टाटा ग्रुप सीधे तौर पर करोबार कर रहा हो। वर्ष 2003 में मिस्त्री परिवार ने अपनी भारतीय नागरिकता छोड़ दी थी और आयरिश नागरिकता हासिल कर ली थी। ऐसा इसलिए था क्योंकि सायरस की मां पास्टी पर्लिन डबलिन से थीं और उनकी नागरिकता में परिवर्तन आयरिश नागरिक से उनकी शादी के आधार पर हुआ था।