सर्वे के मुताबिक, 69 फीसदी ग्राहकों को ऑनलाइन माध्यम से आयोजित सत्रों में भाग लेने के लिए बुनियादी ढांचा, शिक्षकों की गुणवत्ता और सब्सक्रिप्शन शुल्क में रिफंड जैसे दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसमें 9 फीसदी लोगों को बुनियादी ढांचा की समस्या आती है।
शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनियों की सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे 96 फीसदी ग्राहकों ने सरकार से क्षेत्र के लिए नियम बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि इन कंपनियों की ओर से पेश सेवाओं के उपयोग में कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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लोकलसर्कल्स की मंगलवार को जारी सर्वे के मुताबिक, 69 फीसदी ग्राहकों को ऑनलाइन माध्यम से आयोजित सत्रों में भाग लेने के लिए बुनियादी ढांचा, शिक्षकों की गुणवत्ता और सब्सक्रिप्शन शुल्क में रिफंड जैसे दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसमें 9 फीसदी लोगों को बुनियादी ढांचा की समस्या आती है। 19 फीसदी का कहना है कि शैक्षणिक कर्मचारी सही नहीं हैं, जबकि 10 फीसदी को रिफंड में दिक्कत आती है। 17 फीसदी को ये सभी समस्याएं आती हैं। 96 फीसदी ने कहा, सरकार को अनिवार्य करना चाहिए कि ऐसे मंच अपनी वेबसाइट या एप पर सभी शर्तों का खुलासा करें।
ई-फाइलिंग पोर्टल में फिर खामी, ठीक करने का निर्देश
आयकर विभाग की ई-फाइलिंग पोर्टल में एक बार फिर दिक्कतें आई हैं। मंगलवार को कई शिकायतें मिलने के बाद इन्फोसिस को इसे जल्द ठीक करने का निर्देश दिया गया। इन्फोसिस को ही इस पूरी वेबसाइट के रखरखाव का काम दिया गया है। शिकायतकर्ताओं ने कहा कि वेबसाइट का सर्च फीचर और दावों के रिफंड वाले सेक्शन कई हफ्तों से काम नहीं कर रहे हैं।
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इस घटना के बाद इन्फोसिस ने कहा, समस्या को जल्द ठीक किया जाएगा। आकलन वर्ष 2022-23 के लिए रिटर्न भरने की अंतिम तारीख 31 जुलाई, 2022 है। यह पोर्टल 7 जून, 2021 को पेश किया गया था।