भारतीयों ने ग्राहक सेवा केंद्र पर फोन कर शिकायत दर्ज कराने में 15 अरब घंटे बिता दिए। 5,000 ग्राहकों पर सर्वे में ये खुलासा हुआ है। उपभोक्ताओं की शिकायत है कि कंपनियां कॉल होल्ड पर रख देती हैं। हालांकि, 2023 की तुलना में समस्या समाधान में लगने वाले समय में 3.2 घंटे की कमी आई है।
एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) एजेंट और चैटबॉट तेजी से ग्राहक सेवा का हिस्सा बनते जा रहे हैं। इसके बावजूद ग्राहक सेवा के लिए प्रतीक्षा समय में खास कमी नहीं आई है। आलम यह है कि भारतीय उपभोक्ताओं ने 2024 में ग्राहक सेवा शिकायत दर्ज करने के लिए 15 अरब घंटे से अधिक का समय इंतजार में बिताया। सर्विसनाउ की ग्राहक अनुभव रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। इसके मुताबिक, 80 फीसदी भारतीय उपभोक्ता अब शिकायत के लिए एआई चैटबॉट पर निर्भर हैं। हालात कुछ सुधरी है, लेकिन ग्राहक अपेक्षाओं और सेवा वितरण के बीच अब भी काफी अंतर है।
शिकायत प्रक्रिया जटिल बना रहीं कंपनियां
रिपोर्ट के मुताबिक, 39 फीसदी उपभोक्ताओं का कहना है कि जब वे ग्राहक सेवा में शिकायत करते हैं, तो उनकी कॉल को होल्ड पर रखा जाता है। 36 फीसदी उपभोक्ताओं के कॉल को बार-बार ट्रांसफर किया जाता है। 34 फीसदी का मानना है कि कंपनियां जानबूझकर शिकायत करने की प्रक्रिया को जटिल बनाती हैं। यह रिपोर्ट 5,000 भारतीय उपभोक्ताओं और 204 ग्राहक सेवा एजेंट के सर्वेक्षण पर आधारित है।
एआई पर लगातार बढ़ रहा भरोसा
खाने के निर्णय को भी प्रभावित कर रहा एआई
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रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई अब भारतीय उपभोक्ताओं की रोजमर्रा की जिंदगी का अभिन्न हिस्सा बन गया है। यह लोगों के खाने-पीने के निर्णयों को भी तेजी से प्रभावित कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, 82 फीसदी भारतीय खाने-पीने के सुझावों के लिए एआई पर भरोसा करते हैं।
निवेश और खरीदारी के लिए भी अब इस्तेमाल
भारतीय उपभोक्ता न सिर्फ खाने-पीने बल्कि निवेश के लिए भी एआई की सलाह ले रहे हैं। 78 फीसदी उपभोक्ता निवेश विकल्पों के लिए एआई चैटबॉट्स की मदद ले रहे हैं। यह बदलाव बिजनेस के लिए बड़ा अवसर है। 84 फीसदी उपभोक्ता खरीदारी के लिए भी एआई पर निर्भर हैं।