राजकोषीय घाटा 134 फीसदी पार
चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा संशोधित बजट अनुमान के 134 फीसदी से ज्यादा पहुंच गया है। लेखा नियंत्रक ने बताया कि फरवरी, 2019 में ही राजकोषीय घाटा पूरे साल के अनुमान से ज्यादा निकल चुका है।
अप्रैल-फरवरी में जीडीपी के मुकाबले राजकोषीय घाटा 8.51 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया जो संशोधित बजट अनुमान में 6.34 लाख करोड़ था। इस साल राजस्व वसूली संशोधित लक्ष्य की 73.2 फीसदी रही, जो इससे पहले के साल में 78.2 फीसदी रही थी।
चालू खाते का घाटा पहुंचा 2.5 फीसदी
आरबीआई ने बताया कि देश का चालू खाते का घाटा (कैड) तीसरी तिमाही में बढ़कर जीडीपी के मुकाबले 2.5 फीसदी पहुंच गया है। पिछले साल की समान अवधि में यह 2.1 फीसदी रहा था। यह उछाल बढ़ते व्यापार घाटे की वजह से आया है।
अक्तूबर-दिसंबर 2018 की तिमाही में चालू खाते में विदेशी मुद्रा का इनफ्लो-आउटफ्लो का अंतर 16.9 अरब डॉलर रहा, जो एक साल पहले की समान अवधि में 13.7 अरब डॉलर था।
घरेलू जमा घटने से बढ़ेगी ब्याज दर
इंडिया रेटिंग्स का कहना है कि इस साल घरेलू जमा में गिरावट आने से कैड की खाई और चौड़ी हो सकती है। साथ ही इसके असर से ब्याज दर भी ऊंची रह सकती है। एजेंसी ने कहा कि वित्त वर्ष 2018 में घरेलू जमा 9.8 फीसदी बढ़कर 11.29 लाख करोड़ पहुंचा, जो 2012 में 6.43 लाख करोड़ रुपये था।