अगली तिमाही भी बढ़ेंगे दाम
ब्रिटेन के बार्क्ले बैंक का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में उछाल साल की दूसरी तिमाही में भी जारी रहेगा। अप्रैल-जून तिमाही में इसके 73 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि पूरे साल का औसत 70 डॉलर प्रति बैरल रह सकता है।
हालांकि, जून में ओपेक संगठन दोबारा बैठक कर कटौती रोकने या आगे जारी रखने पर फैसला करेगा। संगठन का अगुआ सऊदी अरब यह कटौती पूरे साल जारी रखना चाहता है, जबकि रूस ने सितंबर तक आपूर्ति बहाल करने की शर्तों पर खुद को इसमें शामिल किया था।
वैश्विक मंदी का खतरा
क्रूड की बढ़ती कीमतों के कारण विश्लेषक वैश्विक मंदी का खतरा भांप रहे हैं। ओले हैंसन का कहना है कि शॉर्ट टर्म में इस बड़े जोखिम से शेयर बाजार में कमजोरी आ सकती है। बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच (बोफाएमएल) का कहना है कि हाल के महीनों में कारोबारी भरोसा कमजोर हुआ है और वैश्विक विनिर्माण पीएमआई संकुचित हो रहा है। अगली तिमाही क्रूड के दाम 74 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकते हैं।
महंगी होगी सीएनजी-पीएनजी
अगले वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में प्राकृतिक गैस के दाम 10 फीसदी बढ़ेंगे, जो तीन साल में उसका सर्वोच्च स्तर होगा। इस उछाल से सीएनजी और पीएनजी की कीमतों में भी इजाफा होगा। अप्रैल-सितंबर की तिमाही में घरेलू प्राकृतिक गैस के दाम 3.69 मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट पहुंच जाएंगे, जो इससे पहले छह महीने में 3.36 डॉलर पर था।
इसके अलावा मुश्किल क्षेत्रों से उत्पादित होने वाले प्राकृतिक गैस का दाम मौजूदा के 7.67 डॉलर से बढ़कर सितंबर तक 9.31 डॉलर पहुंच जाएंगे। यह लगातार चौथी बार होगा जब गैस की कीमतों में इजाफा किया जाएगा।