शेयर बजार में जारी गिरावट और डेट म्यूचुअल फंड पर बढ़ते संकट को देखते हुए भारतीय निवेशक अपना पैसा बैंकों में जमा करने लगे हैं। कई बैंक अधिकारियों का कहना है कि ऐसे निवेश पर जोखिम ज्यादा होने से लोग पारंपरिक जमाओं की ओर लौट रहे हैं और पिछले कुछ दिनों में इसमें बड़ा उछाल देखने को मिला है।
दरअसल, फ्रैंकलिन टेम्पलटन के पिछले सप्ताह छह डेट फंड योजनाएं बंद करने से निवेशक सकते में आ गए हैं। इस फंड हाउस की 28 हजार करोड़ की जमा पर संकट बढ़ता जा रहा था जिससे निवेशकों की राशि डूबने का खतरा हो गया था। इसके बाद सरकार के हस्तक्षेप करने के बावजूद डेट फंडों से रिकॉर्ड निकासी हो रही है और बैंकों में जमा बढ़ रहा है।
इंडसइंड बैंक के सीईओ सुमंत कठपालिया ने कहा, म्यूचुअल फंड से निकाली राशि को निवेशक बैंकों में डाल रहे हैं। बढ़ती जमाओं को देखत हुए बैंकों ने जमा दरें भी घटा दी हैं। उधर, निवेशकों ने पिछले महीने डेट म्यूचुअल फंडों से 1.95 करोड़ रुपये निकाले हैं।
बैंकों ने एमएफ के लिए 2,000 करोड़ लिए
म्यूचुअल फंड की मदद के लिए आरबीआई की ओर से की गई विशेष फंड व्यवस्था के तहत बैंकों ने योजना के पहले दिन 2,000 करोड़ की राशि ली है। आरबीआई ने 90 दिनों के लिए रेपो दर पर यह राशि बैंकों को उपलब्ध कराई है।
आरबीआई ने बताया कि योजना के पहले दिन 27 अप्रैल को बैंकों ने दो हजार करोड़ कि राशि विशेष व्यवस्था के तहत ली है। इससे पहले सोमवार को केंद्रीय बैंक ने म्यूचुअल फंड की मदद के लिए 50 हजार करोड़ देने की घोषणा की थी।