फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Credit Suisse Crisis: विश्लेषक रॉबर्ट कियोसाकी का दावा, 54 अरब डॉलर कर्ज के बाद भी नहीं टला क्रेडिट सुइस संकट

Fri, 17 Mar 2023 06:29 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

अमेरिका के दो बड़े बैंकों के डूबने के बाद अब यूरोप में भी बैंकिंग संकट गहराने लगा है। यूरोप के सबसे बड़े निवेश बैंकों में शामिल क्रेडिट सुइस की वित्तीय स्थिति गंभीर है। इस बीच, 2008 में अमेरिका के सबसे बड़े बैंकों में से एक लेहमन ब्रदर्स के डूबने की सफल भविष्यवाणी करने वाले रॉबर्ट कियोसाकी ने दावा किया है कि 54 अरब डॉलर का कर्ज मिलने के बाद भी 167 साल पुराने क्रेडिट सुइस को लेकर खतरा अभी टला नहीं है।

विज्ञापन


वॉल स्ट्रीट के विश्लेषक कियोसाकी ने कहा, पूरे समस्या की जड़ बॉन्ड मार्केट है। मैंने वर्षों पहले लेहमैन ब्रदर्स के संबंध में भविष्यवाणी की थी। मुझे लगता है कि अब अगला बैंक स्विट्जरलैंड का क्रेडिट सुइस होगा क्योंकि बॉन्ड मार्केट धराशायी हो रहा है। अगर यह संकट गहराता है तो इसकी आंच दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी पहुंच सकती है।

बॉन्ड मार्केट पूरी समस्या की जड़, अमेरिका पर खतरा
बेस्टसेलर रिच डैड पुस्तक के लेखक कियोसाकी ने कहा, बॉन्ड मार्केट अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़ा सबसे बड़ा संकट है। इससे अमेरिका गंभीर संकट में धंसता जा रहा है।

  • कमजोरी की वजह से अमेरिकी डॉलर दुनिया में अपना दबदबा खो रहा है। इसलिए डॉलर के डूबने से बचाने के लिए फेडरल रिजर्व इसे अधिक-से-अधिक प्रिंट करने जा रहा है।

सबसे बड़े निवेशक ने भी बढ़ाई चिंता

विज्ञापन

संकट की शुरुआत क्रेडिट सुइस की सालाना रिपोर्ट से हुई, जिसमें उसने कहा था कि वित्तीय रिपोर्टिंग पर अपने आंतरिक ऑडिट में 'मेटेरियल वीकनेसेज' की पहचान की है। इसके अलावा, पिछले महीने बैंक को 2008 के वैश्विक संकट के बाद सबसे बड़ा घाटा हुआ। 2022 में उसे 7.3 अरब स्विस फ्रैंक का नुकसान हुआ। इसके बाद से जमाकर्ताओं ने बैंक से निकासी शुरू कर दी।

  • हाल ही में क्रेडिट सुइस के सबसे बड़े निवेशक सऊदी नेशनल बैंक के अध्यक्ष अम्मार अल खुदैरी ने कहा, अगर अतिरिक्त तरलता की और जरूरत पड़ती है तो उनका बैंक अब निवेश नहीं कर पाएगा। क्रेडिट सुइस में सऊदी नेशनल बैंक की 9.9 फीसदी हिस्सेदारी है।

दूसरा कोई कारोबार नहीं, हर घोटाले में शामिल
समस्या यह है कि क्रेडिट सुइस का दूसरा कारोबार नहीं है। कुछ वर्षों में बैंक लगभग हर उस घोटाले में शामिल रहा है, जो सामने आए हैं। सुधार हो रहा है, लेकिन निवेश की सख्त जरूरत है। 2021 में अमेरिकी निवेश फर्म आर्किगोस के पतन के साथ दिवालिया ब्रिटिश फाइनेंसर ग्रींसिल से जुड़े अरबों की आपूर्ति शृंखला व वित्त निधियां फ्रीज होने से क्रेडिट सुइस को बड़ा झटका लगा था। -रघुराम राजन, पूर्व गवर्नर, आरबीआई

भारत पर खास असर नहीं
क्रेडिट सुइस अगर डूबता है तो भारत पर इसका खास असर नहीं पड़ेगा। यह भारत में 12वां सबसे बड़ा विदेशी बैंक है। उसकी कुल संपत्ति करीब 20,700 करोड़ रुपये है। यह भारतीय बैंकिंग प्रणाली की कुल संपत्ति का महज 0.1 फीसदी है। जेफरीज के एक अध्ययन के मुताबिक, भारतीय बैंकिंग प्रणाली की कुल संपत्ति में विदेशी बैंकों की हिस्सेदारी 6 फीसदी है। कुल कर्ज में चार व जमा में पांच फीसदी हिस्सा है।

  • क्रेडिट सुइस की भारत में एक शाखा मुंबई में है। 2,800 करोड़ रुपये इसका जमा है, जो कुल देनदारियों का सिर्फ 20 फीसदी है।


स्विस सेंट्रल बैंक से लेगा 54 अरब डॉलर का कर्ज
क्रेडिट सुइस स्विट्जरलैंड के केंद्रीय बैंक से 54 अरब डॉलर तक कर्ज लेगा। निवेश बैंक ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए 50 अरब फ्रैंक (53.7 अरब डॉलर) तक कर्ज लेने के विकल्प का इस्तेमाल करेगा। यह अतिरिक्त नकदी क्रेडिट सुइस के मुख्य कारोबार और ग्राहकों का समर्थन करेगी।

  • 2008 के वैश्विक आर्थिक संकट के बाद यह पहली बार है, जब किसी बड़े वैश्विक बैंक को इस प्रकार से राहत मिली है।
  • इस घोषणा के बाद क्रेडिट सुइस के शेयर बृहस्पतिवार को करीब 30 फीसदी चढ़ गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें