अमेरिका के दो बड़े बैंकों के डूबने के बाद अब यूरोप में भी बैंकिंग संकट गहराने लगा है। यूरोप के सबसे बड़े निवेश बैंकों में शामिल क्रेडिट सुइस की वित्तीय स्थिति गंभीर है। इस बीच, 2008 में अमेरिका के सबसे बड़े बैंकों में से एक लेहमन ब्रदर्स के डूबने की सफल भविष्यवाणी करने वाले रॉबर्ट कियोसाकी ने दावा किया है कि 54 अरब डॉलर का कर्ज मिलने के बाद भी 167 साल पुराने क्रेडिट सुइस को लेकर खतरा अभी टला नहीं है।
सबसे बड़े निवेशक ने भी बढ़ाई चिंता
दूसरा कोई कारोबार नहीं, हर घोटाले में शामिल
समस्या यह है कि क्रेडिट सुइस का दूसरा कारोबार नहीं है। कुछ वर्षों में बैंक लगभग हर उस घोटाले में शामिल रहा है, जो सामने आए हैं। सुधार हो रहा है, लेकिन निवेश की सख्त जरूरत है। 2021 में अमेरिकी निवेश फर्म आर्किगोस के पतन के साथ दिवालिया ब्रिटिश फाइनेंसर ग्रींसिल से जुड़े अरबों की आपूर्ति शृंखला व वित्त निधियां फ्रीज होने से क्रेडिट सुइस को बड़ा झटका लगा था। -रघुराम राजन, पूर्व गवर्नर, आरबीआई
भारत पर खास असर नहीं
क्रेडिट सुइस अगर डूबता है तो भारत पर इसका खास असर नहीं पड़ेगा। यह भारत में 12वां सबसे बड़ा विदेशी बैंक है। उसकी कुल संपत्ति करीब 20,700 करोड़ रुपये है। यह भारतीय बैंकिंग प्रणाली की कुल संपत्ति का महज 0.1 फीसदी है। जेफरीज के एक अध्ययन के मुताबिक, भारतीय बैंकिंग प्रणाली की कुल संपत्ति में विदेशी बैंकों की हिस्सेदारी 6 फीसदी है। कुल कर्ज में चार व जमा में पांच फीसदी हिस्सा है।
स्विस सेंट्रल बैंक से लेगा 54 अरब डॉलर का कर्ज
क्रेडिट सुइस स्विट्जरलैंड के केंद्रीय बैंक से 54 अरब डॉलर तक कर्ज लेगा। निवेश बैंक ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए 50 अरब फ्रैंक (53.7 अरब डॉलर) तक कर्ज लेने के विकल्प का इस्तेमाल करेगा। यह अतिरिक्त नकदी क्रेडिट सुइस के मुख्य कारोबार और ग्राहकों का समर्थन करेगी।