वित्तवर्ष 2020-21 में भारत सरकार का राजकोषीय घाटा बढ़कर 5.8 फीसदी तक पहुंच सकता है, ऐसा बैंक ऑफ अमेरिका की एक रपट में कहा गया है। इसमें आगे कहा गया है कि बजट में इसके 3.5 फीसदी रहने का अनुमान है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यह रपट ऐसे समय में आया है जब सरकार की तरफ से चालू वित्त वर्ष के बीच बाजार से धन उधार लेने का लक्ष्य बजट से 4.2 लाख करोड़ रुपये बढ़ाने का फैसला किया गया है।
बैंक आफ अमेरिका के विश्लेषकों ने भारत की जीडीपी के वृद्धि दर के अनुमान को भी संशोधित कर 0.5 फीसदी कर दिया है। इससे पहले इस फर्म ने आर्थिक विकास दर 1.5 फीसदी रहने का अनुमान लगाया था। फर्म को लगता है कि भारत में कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप को देखते हुए सरकार लॉकडाउन को मई से भी आगे बढ़ाएगी।