इस संदर्भ में संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पर्याप्त वित्तीय राहत का इंतजाम किए बिना आर्थिक गतिविधियों पर प्रतिबंध बढ़ाया जाता है, तो ये गिरावट और अधिक हो सकती है।
अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बाधित कर रही है महामारी
संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक मामलों के विभाग (डीईएसए) के एक विश्लेषण में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बाधित कर रही है। पिछले महीने के दौरान लगभग 100 देशों के राष्ट्रीय सीमाओं को बंद करने से लोगों की आवाजाही और पर्यटन में एक डरावना ठहराव आ गया है।
प्रोत्साहन पैकेज पर विचार कर रही सरकारें
डीईएसए ने कहा कि, "इन देशों में लाखों श्रमिकों को अपनी नौकरी खोने की आशंका का सामना करना पड़ रहा है। सरकारें अपनी अर्थव्यवस्थाओं को मंदी में जाने से रोकने के लिए बड़े प्रोत्साहन पैकेज पर विचार कर रही हैं। सबसे खराब स्थिति में वैश्विक अर्थव्यवस्था 2020 में 0.9 फीसदी तक गिरावट दर्ज कर सकती है।"
अगर ऐसा हुआ तो और अधिक हो सकता है नुकसान
इसके साथ ही डीईएसए ने कहा कि अगर हालात संभल गए तो भी इस साल वैश्विक अर्थव्यवस्था 1.2 पीसदी तक की वृद्धि दर्ज कर सकती है। लेकिन ऐसा तभी होगा जब निजी खपत में मामूली गिरावट हो और निवेश, निर्यात तथा सरकारी खर्च में वृद्धि हो। संस्था ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था 2009 में 1.7 फीसदी घटी थी। डीईएसए ने कहा है कि यदि सरकारों आम लोगों को आर्थिक सहायता और उपभोक्ता खर्च बढ़ाने में मदद करने में विफल रही तो ये नुकसान और भी अधिक हो सकता है।
दुनिया में आठ लाख से ज्यादा लोग संक्रमित
मालूम हो कि कोरोना वायरस के कहर से पूरी दुनिया त्राहिमाम कर रही है। इस वायरस से मृतकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अमेरिका कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज के लिए आवश्यक वेंटीलेटर्स, चिकित्सा आपूर्ति और निजी सुरक्षा के लिए अन्य जरूरी सामान रूस से खरीदने पर राजी हो गया है। वैश्विक महामारी की वजह से विश्व में अब तक 40 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और आठ लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हैं।