डिस्कॉम और बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक देशव्यापी लॉकडाउन के बाद दिल्ली में अधिकतम बिजली मांग में 49 फीसदी तक कमी आई है। कोरोना वायरस के प्रकोप को रोकने के लिए लागू किए गए लॉकडाउन के दौरान वाणिज्यिक और औद्योगिक गतिविधियां धीमी पड़ने के चलते ये कमी हुई।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार दिन के दौरान बिजली की मांग में 40-50 फीसदी की कमी आई है, जबकि रात के दौरान बिजली की मांग लगभग 20-30 फीसदी घटी है।
अधिकारियों ने बताया कि दिन की बिजली मांग में कमी की मुख्य वजह लॉकडाउन के दौरान वाणिज्यिक और औद्योगिक प्रतिष्ठानों का बंद होना है। इस खंड में बिजली की मांग लगभग 70-90 फीसदी घट गई है।
अधिकारियों ने कहा कि अधिकतम बिजली की मांग के मुकाबले 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के बाद दिल्ली में बिजली की मांग 49 फीसदी तक कम हुई है।
इसलिए आई कमी
इस संदर्भ में टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) के एक प्रवक्ता ने कहा कि अधिकतम मांग में कमी की मुख्य वजह लॉकडाउन के दौरान औद्योगिक और वाणिज्यिक गतिविधियों में कमी है।
घरेलू लोड पर कोई असर नहीं
हालांकि, लॉकडाउन के दौरान घरेलू लोड का कोई असर नहीं हुआ। डिस्कॉम के एक अधिकारी ने बताया कि लोग अपने घरों में हैं और बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसलिए दिल्ली के घरेलू लोड पर कोई असर नहीं है। उन्होंने कहा कि वास्तव में इस श्रेणी में थोड़ी वृद्धि हुई है।
संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी
मालूम हो कि देशभर में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 1684 नए मामले सामने आए हैं और 37 लोगों की मौत हो गई है। इसके बाद देशभर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 23,077 हो गई है, जिसमें 17,610 सक्रिय हैं, 4749 लोग स्वस्थ हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और 718 लोगों की मौत हो गई है। वहीं, आज राजस्थान में 36, कर्नाटक में 18 और बिहार में छह नए मामले सामने आए हैं।