कोरोना वायरस का अर्थव्यवस्था पर असर
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कोरोना वायरस महामारी से अरब देशों की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगेगा। संयुक्त राष्ट्र की गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि महामारी की वजह से इस साल अरब देशों की अर्थव्यवस्था में 5.7 फीसदी की गिरावट आएगी। इससे अलावा लाखों लोग गरीबी में चले जाएंगे और पहले से ही सशस्त्र संघर्ष से परेशान लोगों की स्थिति और खराब हो जाएगी।
152 अरब डॉलर का नुकसान संभव
पश्चिम एशिया पर संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक एवं सामाजिक आयोग का कहना है कि अरब क्षेत्र के कुछ देशों की अर्थव्यवस्था में तो 13 फीसदी तक की गिरावट आएगी। इससे क्षेत्र को कुल मिलाकर 152 अरब डॉलर का नुकसान होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे 1.43 करोड़ और लोग गरीबी में चले जाएंगे और अरब देशों में गरीबों की संख्या बढ़कर 11.5 करोड़ हो जाएगी, जो क्षेत्र की कुल आबादी का 25 फीसदी है।
5.5 करोड़ लोगों की स्थिति पहले से थी खराब
कोविड-19 संकट से पहले ही अरब के करीब 5.5 करोड़ लोग मानवाधिकार के आधार पर दी जा रही मदद पर जीवनयापन कर रहे थे। इनमें 2.6 करोड़ लोग ऐसे हैं जिन्हें जबरन बेघर किया गया है। अरब देशों ने इस महामारी पर काबू के लिए तेजी से कदम उठाए थे। मार्च में ही इन देशों ने घर पर रहने का आदेश जारी कर दिया था। यात्रा पर रोक लगा दी थी। धार्मिक आयोजन रोक दिए थे तथा समूह में लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी थी।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, अरब देशों में कोविड-19 संक्रमण के 8,30,000 से अधिक मामले सामने आए हैं। अब तक इन देशों में इस महामारी से 14,717 लोगों की मौत हुई है। अरब देशों में संक्रमण की दर प्रति 1,000 लोगों पर 1.9 है। वहीं मृत्यु दर प्रति 1,000 पर 17.6 है, जो वैश्विक स्तर पर 42.6 की मृत्यु दर की तुलना में काफी कम है।