चीन की जीडीपी में 1976 की विनाशकारी सांस्कृतिक क्रांति के बाद से अब तक की सबसे बड़ी गिरावट आई है। वर्ष 2020 की पहली तिमाही में यह 6.8 फीसदी घट गई। इस दौरान कोरोना वायरस महामारी का मुकाबला करने के लिए उठाए गए अप्रत्याशित उपायों के चलते दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था थम सी गई थी।
2910 अरब डॉलर रहा सकल घरेलू उत्पाद
चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (एनबीएस) ने शुक्रवार को कहा कि 2020 की पहली तिमाही (जनवरी से मार्च) में चीन का सकल घरेलू उत्पाद 20,650 अरब युआन यानी करीब 2910 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 6.8 फीसदी की गिरावट दर्शाता है।
तीसरे महीने में आया सुधार
एनबीएस के आंकड़ों के अनुसार, इस तिमाही के पहले दो महीनों में 20.5 फीसदी की कमी आई। इस तरह तीसरे महीने में अपेक्षाकृत कुछ सुधार आया।
2019 में 6.1 फीसदी की वृद्धि
चीन की अर्थव्यवस्था में 2019 में 6.1 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई थी। अमेरिका के साथ व्यापार युद्ध के कारण यह वृद्धि दर पिछले 29 वर्षों में सबसे कम थी, लेकिन छह फीसदी के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर रही थी।
कोरोना से अर्थव्यवस्था को लगा झटका
पिछले साल दिसंबर में चीन के वुहान शहर से सामने आए कोरोना वायरस ने चीन और दुनिया को बुरी तरह प्रभावित किया है और ताजा आंकड़ों से साफ है कि इसके चलते चीन की अर्थव्यवस्था को तगड़ा झटका लगा, जो पहले से ही सुस्ती के दौर में चल रही थी।
चीन राष्ट्रीय आयोग (एनएचसी) के आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार तक कोरोना वायरस के कुल मामले 82,367 थे, जिनमें 3,342 मौतें शामिल थीं। आयोग ने बताया कि 1,081 मरीजों का इलाज चल रहा है और 77,944 लोगों को ठीक होने के बाद छुट्टी दे दी गई है। एनएचसी ने कहा कि गुरुवार को कोविड-19 के 26 नए मामले सामने आए, जिनमें से 15 विदेश से आए हुए नागरिक शामिल हैं, जबकि अन्य 11 नए मामलें स्थानीय संक्रमण के हैं।