मूडीज ने अनुमान जताया है कि जी-20 समूह देशों का सब मिलाकर सकल घरेलू उत्पाद (GDP) 2020 में 0.5 फीसदी घटेगी। इसमें अमेरिकी अर्थव्यवस्था में दो फीसदी और यूरोजोन (यूरो को मुद्रा के तौर पर अपनाने वाले देश) की अर्थव्यवस्था में 2.2 फीसदी का सिकुड़न होगा। हालांकि कोरोना वायरस का प्रमुख केंद्र होने के बावजूद उसकी अर्थव्यवस्था का 3.3 फीसदी विस्तार होने की संभावना है।
जी-20 समूह में शामिल हैं ये देश
मालूम हो कि जी-20 समूह में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल हैं।
जी-20 समूह में शामिल देश दुनिया की जीडीपी का 85 फीसदी हिस्सा बनाते हैं। इतना ही नहीं, इन देशों का वैश्विक व्यापार में 80 फीसदी हिस्सा है और दुनिया की दो तिहाई आबादी है।
दुनिया की 20 फीसदी आबादी घरों में कैद
वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते दुनिया थमने के कगार पर पहुंच चुकी है। तेजी से आते नए मामलों और लगातार बढ़ती मृतकों की संख्या से पूरा विश्व जूझ रहा है। अब तक 21,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। कोरोना को और फैलने से रोकने के लिए 200 करोड़ से अधिक लोगों को उनके घरों में ‘कैद’ कर दिया गया है। यानी दुनिया की 20 फीसदी आबादी घरों में रहने को मजबूर है। यूरोप समेत कई देशों ने अपनी सीमाएं सील कर आवाजाही पूरी तरह से रोक दी है। भारत ही नहीं, इटली, स्पेन और फ्रांस समेत दो दर्जन देशों में लॉकडाउन है।
अमेरिका ने कहा- कोरोना से जंग में हम भारत के साथ
अमेरिका के विदेश विभाग ने कहा है कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका भारत के साथ खड़ा है। विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया, 'हम भारत के साथ खड़े हैं और अपने जज्बे को बनाए रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान का समर्थन करते हैं। कोविड 19 से लड़ने के लिए अमेरिका भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करेगा। हम अपने नागरिकों को और बाकी लोगों को सुरक्षित रख सकते हैं।