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अर्थव्यवस्था को झटका: कोरोना वायरस की वजह से मूडीज ने घटाया GDP ग्रोथ का अनुमान

Tue, 17 Mar 2020 11:50 AM IST
‌डिंपल अलवधी पीटीआई, नई दिल्ली

सार

रेटिंग एजेंसी मूडीज इंवेस्टर्स सर्विस ने कोरोना वायरस के अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को देखते हुए 2020 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाकर मंगलवार को 5.3 फीसदी कर दिया है।

 
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अर्थव्यवस्था
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विस्तार
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इससे पहले मूडीज ने फरवरी में कहा था कि 2020 में भारत की जीडीपी 5.4 फीसदी की रफ्तार से वृद्धि कर सकती है। हालांकि यह भी पहले के 6.6 फीसदी के अनुमान से घटाया गया था। एजेंसी ने 2021 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 5.8 फीसदी रहने का अनुमान व्यक्त किया।

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कोरोना वायरस का अर्थव्यवस्था पर होगा असर
एजेंसी ने मंगलवार को कहा कि कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैलने का ठीक-ठाक आर्थिक असर होगा। प्रभावित देशों में इससे घरेलू मांग पर असर हो रहा है, आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो रही है तथा एक देश से दूसरे देश में होने वाला व्यापार घट रहा है।

कई सरकारें और केंद्रीय बैंक उठा रहे कदम
मूडीज ने कहा, ‘‘कई सरकारों और केंद्रीय बैंकों ने वित्तीय राहत पैकेज, नीतिगत दर में कटौती, नियामकीय छूट समेत राहत के कई उपाय किए हैं। हालांकि वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए उठाये जाने वाले कदम इन उपायों के असर को कम कर देंगे।’’
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इन क्षेत्रों पर पड़ेगा सबसे अधिक असर
कोरोना का उन कुछ मुख्य क्षेत्रों पर बुरा वित्तीय असर पड़ेगा, जो मुक्त आवाजाही पर निर्भर हैं। मूडीज के उपाध्यक्ष (वरिष्ठ क्रेडिट अधिकारी) बेंजामिन नेल्सन ने एक बयान में कहा, ‘‘व्यापार तथा लोगों की मुक्त आवाजाही पर निर्भर क्षेत्र जैसे यात्री विमानन, नौवहन, आतिथ्य सत्कार, रहना-ठहरना, क्रूज लाइनर, रेस्तरां आदि सबसे अधिक जोखिम में हैं।’’ अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला पर निर्भरता के कारण वैश्विक वाहन कंपनियां भी प्रभावित हो रही हैं। कुछ चुनिंदा भौगोलिक क्षेत्रों में खेल तथा खाद्य से इतर के खुदरा क्षेत्र भी आपूर्ति श्रृंखला पर निर्भर हैं, इस कारण ये भी प्रभावित हो रहे हैं।

समय के हिसाब से बदलेगा आकलन
मूडीज के एक अन्य उपाध्यक्ष रिचर्ड मोरावेट्ज ने कहा, ‘‘कंपनियां वायरस के संक्रमण से कितना बचाव कर पाती हैं, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि संक्रमण कब तक रहने वाला है। हम सतर्क करते हैं कि जिस तरह से दिन-प्रतिदिन चीजें घट रही हैं, समय के हिसाब से प्रभाव का हमारा आकलन भी बदलता रहेगा।’’

2018-19 में थी 6.8 फीसदी 
2018-19 में विकास दर 6.8 फीसदी रही थी। इस हिसाब से देखा जाए तो फिर इसमें करीब 1.8 फीसदी की गिरावट है। विश्व की सभी रेटिंग एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भी भारत के जीडीपी अनुमान को काफी घटा दिया है।  मूडीज ने मार्च 2020 में समाप्त हो रहे वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का अनुमान 5.8 फीसदी से घटाकर 4.9 फीसदी कर दिया है। फिच ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए विकास दर के 4.6 फीसदी रहने की संभावना जताई है। वहीं 2020-21 के लिए 5.6 फीसदी और 2021-22 के लिए 6.5 फीसदी का अनुमान जताया है। 

कोरोना वायरस: संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर हुई 127
समय गुजरने के साथ ही दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे भारत में कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है। सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद आज भारत में कुल 13 नए मामले सामने आए हैं जिसमें नोएडा के दो नए मरीज शामिल हैं। इस तरह भारत में अब तक कुल मरीजों की संख्या 127 पहुंच गई है, वहीं आज ही तीसरे मौत की पुष्टि हुई है।

 

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