Core Sector Growth: कोर सेक्टर की ग्रोथ में यह गिरावट औद्योगिक गतिविधियों में आई मामूली नरमी का संकेत देती है। चूंकि कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली जैसे क्षेत्र आठ कोर इंडस्ट्रीज में शामिल हैं। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
देश के औद्योगिक उत्पादन और आर्थिक सेहत का पैमाना माने जाने वाले आठ प्रमुख बुनियादी ढांचा क्षेत्रों (आठ कोर सेक्टर्स) की रफ्तार में दिसंबर 2025 में सुस्ती देखी गई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इन क्षेत्रों की वृद्धि दर घटकर 3.7% रह गई है, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले कम है।
विज्ञापन
सालाना आधार पर गिरावट
सरकार द्वारा जारी ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि दिसंबर 2025 में आठ कोर सेक्टर्स की वृद्धि दर 3.7% दर्ज की गई है। इसकी तुलना अगर पिछले साल से करें, तो दिसंबर 2024 में इन क्षेत्रों ने 5.1% की मजबूत वृद्धि दर्ज की थी।
क्या हैं मायने?
कोर सेक्टर की ग्रोथ में यह गिरावट औद्योगिक गतिविधियों में आई मामूली नरमी का संकेत देती है। चूंकि कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली जैसे क्षेत्र आठ कोर इंडस्ट्रीज में शामिल हैं, इसलिए इनकी सुस्त चाल का असर भविष्य में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के आंकड़ों पर भी देखने को मिल सकता है।