घरेलू खपत को मिलेगा बढ़ावा
श्रीराम वेल्थ लिमिटेड के सीओओ और उत्पाद प्रमुख नवल कागलवाला का कहना है कि जीएसटी परिषद द्वारा कर स्लैब को युक्तिसंगत बनाने का कदम भारत के व्यापार को और आसान बनाने के लिए उठाया गया कदम है, जो दीर्घकालिक संरचनात्मक विकास की नीव को मजबूत करता है। संपन्न परिवार के लिए विलासित कैटेगरी में उच्च कर से जीवनशैली की लागत में मामूली वृद्धि होगी, जबकि व्यापक अर्थव्यवस्था को रोजमर्रा की वस्तुओं पर कम कर से फायदा मिलेगा। मांग को बढ़ावा देने और विलासित एवं पाप उपभोग वस्तुओं को उच्च कर भार के साथ जोड़ने के बीच संतुलन को मापा जाता है। इसका संभावित शुद्ध राजस्व प्रभाव 48,000 करोड़ रुपये है। वे कहते हैं कि मांग और अन्य क्षेत्रों में संभावित वृद्धि से इस राजकोषिय प्रभाव को नियंत्रित किया जा सकता है। इससे कई क्षेत्रों जैसे कि एफएमसीजी, स्वास्थ्य सेवा, आवास में नए अवसर पैदा होंगे। कुल मिलाकर इस बदलाव से घरेलू खपत में वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।
एमएसएमई उद्योग के लिए सकारात्मक कदम
महाराष्ट्र चैंबर के अध्यक्ष ललित गांधी कहते हैं कि जीएसटी कर दरों को दो स्लैब में लाने से विक्रेता, खरीदार और निर्माता तीनों को फायदा होगा, यानी 360 डिग्री कारोबार पर सकारात्मक असर होगा। जीएसटी दरों में कटौती से छोटे कारोबारियों (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) को अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ से राहत मिलेगी।
महाराष्ट्र उद्योग एवं व्यापार संघ चैंबर के अध्यक्ष दीपेन अग्रवाल कहते हैं कि यह कदम एमएसएमई उद्योग को राहत प्रदान करता है और उनके लंबे समय के लिए कारोबार को मजबूती प्रदान करता है। नवरात्र और दिवाली से पहले जीएसटी दरों में कटौती खरीदारी को बढ़ावा देगी इससे कारोबार की गति बढ़ेगी और यह अर्थव्यवस्था को और मजबूत करेगा। हमारी मांग भविष्य में सरकार से एक ही टैक्स स्लैब की होगी, जिससे कारोबार संरचना और भी सरल होने में मदद मिलेगी।
निर्यातकों को रिफंड पर भी मिली राहत
सरकार ने घोषणा की है कि छोटे निर्यातकों के लिए रिफंड जो कि पहले 60 से 90 दिनों में आता था, वह अब 7 दिनों में दिया जाएगा। यह एमएसएमई उद्योग के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर है। बड़े निर्यातकों के पास अधिक कैपिटल होने से उन इसका असर नहीं होता, लेकिन छोटे निर्यातकों के पास अधिक कैपिटल नहीं होता है और वे अपने रिफंड पर निर्भर रहते हैं। इसलिए यह फैसला हमारे लिए राहत लेकर आया है। गांधी कहते हैं, एमएसएमई उद्योग पिछले 6 से 7 वर्षों से जीएसटी दरों में कटौती की मांग करता रहा है, जिस पर सरकार ने अच्छा फैसला सुनाया है। इससे छोटे कारोबारियों को सबसे अधिक फायदा होगा, जिसमें फुटवियर, टैक्सटाइल, बर्तन उद्योग, छोटे इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बनाने वाले कारोबारियों सहित पूरे उद्योग को इससे बिक्री बढ़ेगी।