केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक बनाए रखने के लिए खरीफ सीजन के 25,000 टन प्याज की खरीद की है। रोहित कुमार सिंह ने कहा, सरकार इसलिए प्याज खरीद रही है ताकि कीमतों को रोका जा सके व बाजार में प्याज की आपूर्ति की जा सके।
पैकेज्ड वस्तुओं पर उसके बनने की तारीख व पैकेट में प्रति इकाई बिक्री मूल्य छापना अनिवार्य हो गया है। उपभोक्ता मामलों के सचिव रोहित कुमार सिंह ने कहा, सोमवार से नियम लागू हो गया है।
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नए नियम के तहत पैकेट पर अब प्रति किलोग्राम की दर से कीमत छापनी होगी। साथ ही, अधिकतम कीमत (एमआरपी) भी छापनी होगी। कोई पैकेट एक किलो से कम है तो उस पर एमआरपी के साथ प्रति ग्राम की कीमत छापनी होगी।
पहले कंपनियों को बनाने की तारीख या आयात की तारीख या पैकेजिंग की तारीख को छापने का विकल्प दिया गया था। अब उनके लिए जरूरी कर दिया गया है कि वे केवल बनाने की तारीख पैकेट पर छापें। साथ ही, बिक्री मूल्य भी छापें। पैकेज्ड सामग्री अलग-अलग वजन में होती हैं, इसलिए ग्राहकों की जानकारी के लिए उसकी कीमत छापना जरूरी है।
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केंद्र सरकार ने खरीदे 25,000 टन प्याज
केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक बनाए रखने के लिए खरीफ सीजन के 25,000 टन प्याज की खरीद की है। रोहित कुमार सिंह ने कहा, सरकार इसलिए प्याज खरीद रही है ताकि कीमतों को रोका जा सके व बाजार में प्याज की आपूर्ति की जा सके। 2023-24 में सात लाख टन प्याज खरीदने का लक्ष्य है। इसमें पिछले साल रबी सीजन से पांच लाख टन और खरीफ से दो लाख टन खरीदी कर रही है।