तेल कंपनियों के लिए 10 अरब डॉलर की उगाही करने को विदेशी कर्ज लेने संबंधी नियमों में ढील देने से रुपये की गिरावट को रोकने में कोई खास मदद नहीं मिलेगी। यह बात बृहस्पतिवार को बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच (बोफाएमएल) ने कही। अमेरिकी ब्रोकरेज कंपनी ने साथ ही कहा कि इससे पहले गैर-आवश्यक वस्तुओं पर शुल्क बढ़ाने जैसी कोशिशों का भी बड़ा असर नहीं हुआ।
बोफाएमएल ने कहा कि सरकारी तेल कंपनियों के लिए 10 अरब डॉलर तक ईसीबी (विदेशी वाणिज्यिक कर्ज) नियमों में ढील देना बहुत प्रभावी नहीं है। बुधवार शाम को घोषित कदम उनके लघु अवधि विदेशी कर्ज को घटाने से आंशिक तौर पर अप्रभावी हो जाएगा, जो ब्रोकरेज कंपनी के मुताबिक मौजूदा कारोबारी साल में 15 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। कंपनी ने कहा कि आरबीआई तेल आयातक कंपनियों के लिए उम्मीद के मुताबिक विशेष स्वैप खिड़क खोलने का बोझ वहन नहीं कर सकता है।
ब्रोकरेज कंपनी ने कहा कि अप्रैल से हस्तक्षेप की प्रक्रिया 25-30 अरब डॉलर गंवाने के अब प्रति माह आठ अरब डॉलर के लिए प्रतिबद्धता से विदेशी पूंजी भंडार आठ महीने के आयात को वहन करने लायक सीमा से नीचे जा सकता है।