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GST: खुदरा सप्लाई चेन जीएसटी सुधारों से मिली छूटों का प्रमुखता से विज्ञापन करें, वाणिज्य मंत्रालय का निर्देश

Tue, 16 Sep 2025 02:05 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने हाल ही में जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने के कारण खुदरा शृंखलाओं को मिली छूट को प्रमुखता से प्रदर्शित करने और विज्ञापन देने का निर्देश दिया है। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
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GST Retail Supply Chain - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने हाल ही में जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने के कारण खुदरा शृंखलाओं को मिली छूट को प्रमुखता से प्रदर्शित करने और विज्ञापन देने का निर्देश दिया है।भारतीय खुदरा विक्रेता संघ को भेजे गए पत्र में उद्योग व आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने कहा कि खुदरा विक्रेताओं को रसीद/बिल में जीएसटी कटौती को जीएसटी छूट के रूप में दर्शाना चाहिए और अधिक प्रभाव वाले उत्पादों पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए।

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निर्देश में कहा गया, "अपने नेटवर्क के माध्यम से 'जीएसटी के कारण छूट' को प्रमुखता से प्रदर्शित और विज्ञापित करें। इसके लिए वे अपने खुदरा नेटवर्क के माध्यम से पोस्टर/फ्लायर्स और विज्ञापन (प्रिंट, टीवी और ऑनलाइन) का इस्तेमाल करें।

विभाग ने यह भी सुझाव दिया है कि इस त्यौहारी सीजन के दौरान बिक्री के आंकड़ों पर नजर रखी जाए और विभिन्न माध्यमों से उन्हें उजागर किया जाए। 22 सितंबर को नवरात्रि के पहले दिन से जीएसटी में बदलाव लागू होने पर साबुन से लेकर कार, शैंपू से लेकर ट्रैक्टर और एयर कंडीशनर तक लगभग 400 उत्पादों की कीमतें कम होंगी। 
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22 सितंबर से जीएसटी स्लैब की संरचना बदल जाएगी। आम इस्तेमाल की वस्तुओं पर 5 प्रतिशत और बाकी सभी वस्तुओं पर 18 प्रतिशत का कर लगेगा। नई व्यवस्था में 12 और 28 प्रतिशत की मौजूदा दरें समाप्त कर दी गई हैं। नए जीएसटी ढांचे में, अधिकांश दैनिक खाद्य और किराना वस्तुएं 5 प्रतिशत जीएसटी स्लैब के तहत आएंगीं। ब्रेड, दूध और पनीर पर कोई कर नहीं लगेगा।

पहले से निर्मित दवाओं पर नहीं लगाना होगा नए दाम का लेबल
जीएसटी सुधार 22 सितंबर से लागू होने के बाद फार्मा कंपनियों को पहले से निर्मित दवाओं पर नई कीमत का लेबल नहीं लगाना होगा। ग्राहकों को बिना किसी लेबल के भी जीएसटी दरों में कटौती का फायदा मिलेगा। यानी कम भाव पर दवाएं मिलेंगी। जीएसटी परिषद ने 56वीं बैठक में कुछ दवाओं को जीएसटी से बाहर कर दिया है। कुछ पर दरें घटाई हैं।

सरकार ने अक्सर पूछे जाने वाले सवालों का एक सेट जारी किया है। इसमें निर्माता/विपणन कंपनियों, डीलरों और खुदरा विक्रेताओं को ग्राहकों, राज्य औषधि नियंत्रकों एवं सरकार को प्रदर्शित करने के लिए फॉर्म में संशोधित मूल्य या अनुपूरक मूल्य सूची जारी करनी होगी। इसमें संशोधित जीएसटी दरें और संशोधित अधिकतम खुदरा मूल्य दिखाया जाएगा। अगर निर्माता/विपणन कंपनियां खुदरा विक्रेता स्तर पर मूल्य अनुपालन सुनिश्चित करने में सक्षम हैं, तो उन्हे बाजार में जारी किए गए पहले के स्टॉक को न तो वापस मंगाना होगा और न ही लेबल लगाना होगा। 33 जीवनरक्षक दवाओं-औषधियों पर जीएसटी शून्य कर दिया गया है। अन्य सभी दवाओं पर कर 12 से घटाकर 5 फीसदी किया गया है।

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